East Delhi AATS Action: दिल्ली में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार
पूर्वी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में तीन शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से करीब ₹55 से ₹60 लाख कीमत की तीन लग्ज़री गाड़ियां बरामद की गई हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए पांच वाहन चोरी के मामलों का खुलासा किया है। साथ ही फर्जी नंबर प्लेट और फर्जी सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पूर्वी जिले के ऑपरेशन विंग ने विशेष अभियान चलाया था। यह टीम अतिरिक्त डीसीपी (ऑपरेशन) संजय कुमार की निगरानी में और इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में गठित की गई थी। 5 फरवरी 2026 को पुलिस ने मशरूर (56) निवासी सुल्तानपुर, यूपी, आसिफ (42) निवासी मेरठ, यूपी और अकील (40) निवासी मुजफ्फरनगर, यूपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी कई मामलों में जेल जा चुके हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से मास्टर या डुप्लीकेट चाबी की मदद से महंगी गाड़ियां चोरी करते थे। चोरी के बाद वाहनों को मेरठ ले जाकर उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थी और फिर उन्हें उत्तर प्रदेश, मणिपुर और राजस्थान में बेच दिया जाता था। पुलिस रिमांड के दौरान गाजियाबाद के कौशांबी और सिद्धार्थ विहार में छापेमारी कर एक किआ सेल्टोस और एक मारुति ब्रेज़ा बरामद की गई। इसके अलावा गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास सांचौर से एक महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक बरामद की गई, जिस पर फर्जी गुजरात नंबर प्लेट लगी थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वारदात के दौरान मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश से जारी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। जब्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच जारी है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य राज्यों में भी संपर्क किया जा रहा है।
गिरफ्तार तीनों आरोपी शातिर वाहन चोर माने जाते हैं और पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से वाहन चोरी की कई वारदातों पर लगाम लगेगी और आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा।



