Delhi Crime: ईस्ट जिला पुलिस की बड़ी सफलता: मंडावली थाना ने पकड़ा ऑटो-लिफ्टर गिरोह, 10 चोरी की बाइक बरामद
नई दिल्ली,
पूर्वी जिला पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं पर बड़ी चोट करते हुए मंडावली थाना क्षेत्र से अंतर्राज्यीय ऑटो-लिफ्टर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से लॉक तोड़ने के औजार भी जब्त किए हैं।
यह गिरफ्तारी ईस्ट जिला पुलिस के वाहन चोरी विरोधी विशेष अभियान के तहत हुई। 15 सितंबर 2025 को दर्ज की गई ई-एफआईआर संख्या 24799/2025 (धारा 305(B)/317(2) बीएनएस के तहत), जो पांडव नगर की गली नंबर 3 से DL7SCX**** नंबर की मोटरसाइकिल चोरी होने से संबंधित थी, इस पूरे ऑपरेशन का आधार बनी।
इंस्पेक्टर अनीश शर्मा (एसएचओ/मंडावली) के नेतृत्व और एसीपी मयूर विहार रोहिताश कुमार के पर्यवेक्षण में एसआई अमन, हेड कॉन्स्टेबल विक्रांत, कॉन्स्टेबल दीपक और कॉन्स्टेबल प्रदीप की टीम ने जांच शुरू की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी निगरानी की और मानवीय खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल कर संदिग्धों तक पहुंच बनाई।
15 सितंबर की शाम करीब 4 बजे कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज रोड, खेल गांव के पास पुलिस ने जाल बिछाकर बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार दो संदिग्धों को रोका। मुखबिर और सीसीटीवी से मिली जानकारी से उनकी पहचान की पुष्टि हुई। बाइक की जांच में वह चोरी की निकली और ज़िपनेट रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि की गई। पिलियन राइडर के पास से लॉक तोड़ने के उपकरण भी बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने 9 अन्य मोटरसाइकिल चोरी की वारदातें कबूलीं। पुलिस ने उनके बताए स्थानों से बाकी चोरी की गई बाइकों को बरामद किया।
गिरफ्तार आरोपी:
- कृष्ण कुमार (25 वर्ष) – निवासी ममूद नगर, थाना रोड़ावर, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)। 8वीं कक्षा तक पढ़ा है, मजदूरी करता है और पहले से दो आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है।
- सुरज (30 वर्ष) – निवासी ममूद नगर, थाना रोड़ावर, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)। अशिक्षित है और मजदूरी करता है।
बरामदगी:
- 10 चोरी की मोटरसाइकिलें
- लॉक तोड़ने के औजार (एलन की आदि)
ईस्ट जिला पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल बाइक चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है बल्कि वाहन चोरों के एक बड़े नेटवर्क पर भी रोक लगी है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से आगे पूछताछ जारी है ताकि इनके अन्य साथियों और पूरे गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।



