Cyber Fraud Delhi: ऑनलाइन जॉब स्कैम गिरोह के दो सदस्य राजस्थान से गिरफ्तार, मनी म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़
साइबर थाना शाहदरा पुलिस ने ऑनलाइन जॉब फ्रॉड में शामिल एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के झुंझुनू से दो महत्वपूर्ण आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने दिल्ली के गांधी नगर निवासी आनंद गोयल को झूठे “टास्क-बेस्ड ऑनलाइन जॉब” के नाम पर 49 हज़ार रुपये की धोखाधड़ी की थी।
पीड़ित आनंद गोयल ने पुलिस को बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप पर पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर मिला। शुरुआत में उन्हें यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब जैसे छोटे ऑनलाइन कार्य करने पर मामूली इनाम मिला। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें “कमिशन आधारित टास्क” के लिए अग्रिम भुगतान करने को कहा और 30% मुनाफे का लालच दिया। इस लालच में आकर आनंद ने दो किस्तों में 7,000 और 42,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने 1,20,000 रुपये और मांगे, जिसे वे देने से इंकार करने पर आरोपियों ने संपर्क करना बंद कर दिया। इस शिकायत पर FIR संख्या 97/25 दिनांक 24.10.2025 के तहत मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी निगरानी, बैंक विवरण और सोशल मीडिया विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच की। जांच में पता चला कि धोखे की राशि में से 42,000 रुपये FINO बैंक अकाउंट नंबर 20179571671 में जमा हुए थे, जो झुंझुनू निवासी हितेश कुमार (19 वर्ष) के नाम पर थे। पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर हितेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में हितेश ने बताया कि उसने अपना बैंक अकाउंट अपने साथी नितेश मेहला (23 वर्ष) के कहने पर दिया था। नितेश को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट प्राप्त हुईं, जिनमें साइबर फ्रॉड के लिए कई बैंक खातों की व्यवस्था करने के प्रमाण मिले। जांच में यह भी सामने आया कि ये दोनों ग्रामीण इलाकों के बेरोजगार युवाओं को लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे। उन्हें बताया जाता था कि ये खाते ऑनलाइन गेमिंग लेन-देन के लिए इस्तेमाल होंगे। फिर ये खाते टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए साइबर गिरोहों को सौंप दिए जाते थे। इन खातों के माध्यम से ऑनलाइन जॉब स्कैम और क्रिप्टो फ्रॉड से प्राप्त रकम को रिसीव, सर्कुलेट और लेयर किया जाता था। बदले में युवाओं को प्रति ट्रांज़ैक्शन 2–3% कमीशन मिलता था।
शाहदरा पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है और इस उत्कृष्ट कार्य के लिए जांच टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। इस कार्रवाई से साइबर अपराध के खिलाफ तेज और प्रभावी कदम उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है।



