East Delhi drug scandal: पूर्वी दिल्ली के थाना पांडव नगर में नशा कारोबार पुनः शुरू, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
पूर्वी दिल्ली के थाना पांडव नगर इलाके में हाल ही में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शशि गार्डन झुग्गी क्षेत्र में कुछ दिन पहले पुलिस ने एक नशा कारोबारी के ठिकाने पर छापा डालकर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इस मामले में मोमिना नाम की महिला पर आरोप था कि वह नाबालिग बच्चों के जरिए गांजा बेचवाने में शामिल थी।
लेकिन कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद स्थानीय लोगों ने देखा कि वही इलाके में खुलेआम फिर से गांजे की बिक्री शुरू हो गई। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार पुलिस की जानकारी और संरक्षण में दोबारा शुरू कराया गया। लोगों का कहना है कि दिल्ली पुलिस में तैनात बीट इंचार्ज दिनेश और नरेंद्र ने कथित रूप से करीब आठ लाख रुपये लेकर इस नशा कारोबार को पुनः चालू करवाया और नाबालिग बच्चों के माध्यम से गांजा बेचवाया जा रहा है।
स्थानीय लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि पुलिस ने केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए मुकदमा दर्ज किया, लेकिन उसके बाद आरोपी को संरक्षण देकर दोबारा अवैध कारोबार करने दिया। इस स्थिति ने कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है और यह चिंता बढ़ा दी है कि अगर पुलिस ही ऐसे मामलों में सख्ती के बजाय समझौते का रास्ता अपनाएगी तो नशे पर रोक लगाना असंभव होगा।
विशेष रूप से यह मामला बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का भी गंभीर आरोप प्रस्तुत करता है। अब यह देखने वाली बात होगी कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले की गंभीरता को समझते हुए आरोपित पुलिसकर्मियों और नशा कारोबार के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून के शासन और पुलिस की जवाबदेही पर भरोसा बनाए रखना कितनी चुनौतीपूर्ण स्थिति बन सकता है।



