MCD budget 2026: दिल्ली नगर निगम का जनहितकारी बजट 28 जनवरी को होगा पेश, स्थायी समिति बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित
दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में नागरिकों के हित से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के दौरान अध्यक्ष सत्या शर्मा ने जानकारी दी कि दिल्ली नगर निगम का जनहितकारी बजट 28 जनवरी 2026 को निगम सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि दिल्ली के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और शहर के विकास को नई गति दी जा सके।
सत्या शर्मा ने बताया कि स्थायी समिति की विशेष बजट बैठकों में माननीय सदस्यों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण, व्यवहारिक और ज़मीनी सुझावों को गंभीरता से बजट में शामिल किया गया है। दिल्ली और एमसीडी की वर्तमान आर्थिक व प्रशासनिक स्थिति का समग्र मूल्यांकन कर बजट को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बजट के माध्यम से शहर के समग्र विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं में सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी।
अध्यक्ष ने कहा कि सभी पार्षदों को उनके-अपने क्षेत्रों में सड़क, नाली, पार्क, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर मौजूद समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा और जनता को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।
बैठक में टोल टैक्स के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर दिल्ली नगर निगम का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में मजबूती के साथ रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी पार्षदों और अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि टोल टैक्स से जुड़े सभी अहम बिंदुओं पर समन्वय के साथ चर्चा कर न्यायालय में प्रभावी और संतुलित पक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि टोल टैक्स बंद होता है तो निगम की राजस्व व्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर असर पड़ेगा। इसलिए जनहित और निगम हित दोनों को संतुलन में रखते हुए समाधान निकालना बेहद जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ट्रैफिक प्रवाह बेहतर करने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से कुछ टोल प्लाजा अस्थायी रूप से बंद करने, स्थानांतरण करने या राजस्व साझा करने जैसे विकल्पों पर विचार करने के निर्देश दिए हैं।
पूरी बैठक सकारात्मक और समाधान-उन्मुख माहौल में संपन्न हुई, जिसमें पार्षदों ने कई अहम सुझाव रखे और जनहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सत्या शर्मा ने अंत में कहा कि दिल्ली नगर निगम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने और राजधानी के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहेगा।



