Republic Day 2026: खिचड़ीपुर में संविधान तिरंगा यात्रा ने दिया एकता और भाईचारे का संदेश
देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस की धूम के बीच पूर्वी दिल्ली के खिचड़ीपुर इलाके से सामने आई एक तस्वीर ने संविधान, तिरंगा और सामाजिक सौहार्द का मजबूत संदेश पूरे देश तक पहुंचाया। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर विकसित समाज के संस्थापक एवं वरिष्ठ पत्रकार कपिल मैडी के नेतृत्व में और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में संविधान तिरंगा यात्रा का भव्य आयोजन किया गया।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से सर्व समाज के बीच आपसी भाईचारे, एकता और संविधान के मूल्यों को मजबूती देना था। संविधान तिरंगा यात्रा की शुरुआत खिचड़ीपुर में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के लोगों द्वारा एक साथ फीता काटकर की गई, जिसने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में निहित एकता और संविधान में विश्वास है।
यह यात्रा खिचड़ीपुर से शुरू होकर कल्याणपुरी होते हुए डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पार्क पर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान करीब एक हजार लोगों की व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली, जो संविधान और तिरंगे के सम्मान में एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। पूरे मार्ग में खिचड़ीपुर और कल्याणपुरी के स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। हर हाथ में लहराता तिरंगा और हर चेहरे पर देश के प्रति गर्व साफ झलक रहा था, जिससे माहौल देशभक्ति से सराबोर नजर आया। यात्रा के समापन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान के शिल्पकार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने संविधान की महत्ता, समानता और भाईचारे के संदेश पर जोर दिया। संविधान तिरंगा यात्रा ने न केवल गणतंत्र दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बनाया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि संविधान ही हमारी पहचान है और एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति। खिचड़ीपुर से कल्याणपुरी तक निकली यह यात्रा आज पूर्वी दिल्ली की पहचान बन गई, जहां संविधान, तिरंगा और भाईचारा एक साथ नजर आया।



