Delhi Gangwar: रोहिणी में गैंगवॉर का बड़ा खुलासा, एनकाउंटर के बाद कमो पहलवान हत्याकांड के तीन शार्प शूटर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में चल रहे गैंगवॉर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहिणी इलाके में मुठभेड़ के बाद वसीम हशमत गैंग के तीन शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रहमान उम्र 23 वर्ष, आदिल उम्र 23 वर्ष और उनका एक नाबालिग साथी शामिल है। ये तीनों शास्त्री पार्क में हुए चर्चित कमो पहलवान हत्याकांड में वांछित थे और लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला दिल्ली के दो कुख्यात गैंगों के बीच चल रही पुरानी और खूनी रंजिश से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि 30 और 31 दिसंबर 2025 की रात गैंगस्टर वसीम हशमत की हत्या कर दी गई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। इसी हत्या के बाद दोनों गैंगों के बीच तनाव और हिंसा और बढ़ गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वसीम हशमत पर पहले भी दो बार जानलेवा हमले किए जा चुके थे। एक बार जीटीबी अस्पताल में गलत पहचान के चलते हमलावरों ने एक निर्दोष मरीज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वसीम हशमत की मौत के बाद उसका बदला लेने के लिए जेल में बंद सोनू बंगाली के इशारे पर इन शार्प शूटरों ने 24 जनवरी 2026 को शास्त्री पार्क इलाके में समीर उर्फ कमो पहलवान पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी थी।
क्राइम ब्रांच को इन आरोपियों की गतिविधियों की लगातार जानकारी मिल रही थी। इंस्पेक्टर मान सिंह और सुंदर गौतम के सुपरविजन में एसआई मनीष, विजेंद्र दिवाच, सुधीर, वीरेंद्र, एएसआई अजय, अमित, विकास, हेड कॉन्स्टेबल गौरव, रोहित, रामजस, संजीव यादव, जितेंद्र, विपिन और कॉन्स्टेबल रॉबिन की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम को सूचना मिली कि आरोपी रोहिणी सेक्टर-28 के पास आने वाले हैं।
27 जनवरी की रात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर पुलिस टीम ने इलाके में एक सफेद स्कूटी पर सवार संदिग्धों को देखा और रुकने का इशारा किया। लेकिन बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षा में बदमाशों के पैरों को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। इस कार्रवाई में एसआई वीरेंद्र, हेड कॉन्स्टेबल रोहित, रामजस और कॉन्स्टेबल रॉबिन शामिल रहे। घेराबंदी के बाद तीनों आरोपियों को मौके पर ही काबू कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान एक गोली एसआई वीरेंद्र की छाती पर लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई।
तलाशी के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी जिस सफेद स्कूटी का इस्तेमाल कर रहे थे, वह बिंदापुर इलाके से चोरी की गई थी। पुलिस ने हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया है। फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि गैंगवॉर से जुड़े अन्य अपराधियों, हथियारों की सप्लाई करने वालों और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में गैंगवॉर और संगठित अपराध के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।



