Robbery Case: मधु विहार पुलिस और ANS की संयुक्त कार्रवाई में लुटेरा गिरफ्तार, देसी कट्टा और लूटे गए सोने के कुंडल बरामद
दिल्ली के पूर्वी जिले में सड़क अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मधु विहार थाना पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS) की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक लुटेरे को वारदात के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से अवैध देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए सोने के कुंडल और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है। इस कार्रवाई से संभावित बड़े अपराध को भी टाल दिया गया।
पूरे मामले की शुरुआत 23 अप्रैल 2026 को हुई, जब मधु विहार थाना पुलिस को पीसीआर कॉल के जरिए मंडावली स्थित श्री राम चौक के पास स्नैचिंग की घटना की सूचना मिली। एक अज्ञात स्कूटी सवार बदमाश ने एक महिला के कान से कुंडल छीन लिया और एक अन्य व्यक्ति से ₹14,500 की लूट कर फरार हो गया। इस संबंध में थाना मधु विहार में एफआईआर संख्या 127/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में ANS और मधु विहार थाना पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी निगरानी और मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए लगातार काम करते हुए करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। इस दौरान आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
लगातार प्रयासों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वेस्ट विनोद नगर के डी-ब्लॉक इलाके में दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा उसके पास से दो सोने के कुंडल भी बरामद किए गए, जो स्नैचिंग की वारदात से जुड़े पाए गए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई ग्रे रंग की टीवीएस जुपिटर स्कूटी को भी जब्त कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने एक कुंडल श्री राम चौक के पास वारदात वाले दिन छीना था, जबकि दूसरा कुंडल करीब 20 दिन पहले गाजियाबाद के खोड़ा इलाके से छीना था। उसने यह भी बताया कि वह हथियार के साथ इलाके में घूम रहा था और आगे भी लूट या स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेश कुमार (43 वर्ष) के रूप में हुई है, जो वेस्ट विनोद नगर, दिल्ली में रहता है और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का निवासी है। वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और मजदूरी का काम करता था, लेकिन नशे की लत के चलते अपराध की राह पर चल पड़ा। दिल्ली में उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं मिला है, हालांकि उत्तर प्रदेश में उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत एक अलग एफआईआर संख्या 128/2026 भी दर्ज की है। फिलहाल पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है और उसके संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
पूर्वी जिला पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई उनके सतत प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सड़क अपराध और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाना है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है, बल्कि भविष्य में होने वाले संभावित सशस्त्र अपराध को भी रोका गया है।



