Crime Branch Action: अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा बड़ा आरोपी गिरफ्तार
Delhi क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़े एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर Maan Singh और इंस्पेक्टर Sunder Gautam की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 45 वर्षीय Praveen Kumar alias Tittu के रूप में हुई है, जो दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कुख्यात गैंगस्टर Rohit Chaudhary का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी प्रवीण कुमार पर पहले से 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से इटली निर्मित एक हाई-एंड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियार अत्याधुनिक श्रेणी का है और इसका इस्तेमाल गंभीर आपराधिक वारदातों में किया जा सकता था।
क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence समर्थित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के जरिए विदेशी हथियारों की सप्लाई कर दिल्ली और आसपास के इलाकों में आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही 25 विदेशी अत्याधुनिक हथियार और 221 कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है और इसके तार अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लायरों से जुड़े हुए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रवीण कुमार गैंगस्टर रोहित चौधरी के साथ मिलकर दक्षिण दिल्ली के आया नगर और महरौली इलाके में अवैध कब्जे, रंगदारी और गैंग गतिविधियों में सक्रिय था। आरोप है कि वह गैंग के लिए विदेशी हथियारों की व्यवस्था करता था ताकि इलाके में दहशत फैलाई जा सके और आपराधिक नेटवर्क को मजबूत किया जा सके।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी, Arms Act और Maharashtra Control of Organised Crime Act समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल दिल्ली क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे आने की संभावना है।



