Kala Jatheri Gang: काला जत्थेड़ी गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, विदेश से भेजते थे धमकी भरे वॉयस नोट
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों के नाम पर रंगदारी मांगने और कारोबारियों को धमकाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की आदर्श नगर थाना टीम ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कुख्यात गैंगस्टर काला जत्थेड़ी के नाम का इस्तेमाल कर एक कारोबारी को डराने और उससे पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी धमकी देने के लिए विदेश में बैठे अपने रिश्तेदार की मदद लेते थे और व्हाट्सएप वॉयस नोट के जरिए पीड़ित को डराने का प्रयास करते थे।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता को लगातार धमकी भरे संदेश और वॉयस नोट भेजे जा रहे थे। संदेशों में कुख्यात गैंगस्टर काला जत्थेड़ी का नाम लेकर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। आरोपियों का मकसद पीड़ित के मन में भय पैदा कर उससे रंगदारी वसूलना था।
मामले की शिकायत मिलने के बाद आदर्श नगर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने केस दर्ज कर तकनीकी जांच, डिजिटल फॉरेंसिक और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से पूरे मामले की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल नंबरों की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इंटरनेट गतिविधियों और व्हाट्सएप ट्रैफिक का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई।
पुलिस को जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने जानबूझकर काला जत्थेड़ी के नाम का इस्तेमाल किया ताकि पीड़ित बिना विरोध किए डरकर पैसे देने के लिए मजबूर हो जाए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने विदेश में रहने वाले रिश्तेदार से व्हाट्सएप पर वॉयस नोट रिकॉर्ड करवाते थे। इन रिकॉर्डिंग्स में गैंगस्टर का नाम लेकर धमकियां दी जाती थीं और बाद में इन्हें शिकायतकर्ता तक पहुंचाया जाता था। पुलिस का मानना है कि यह तरीका अपनाकर आरोपी अपनी पहचान छिपाने और जांच को भटकाने की कोशिश कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में गैंगस्टर नेटवर्क की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां धमकी भरे फोन कॉल किए जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, इंटरनेट कॉलिंग, व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई मामलों में विदेशी नंबरों और विदेश में मौजूद व्यक्तियों का सहारा लेकर पीड़ितों को डराने का प्रयास किया जाता है।
गौरतलब है कि काला जत्थेड़ी का नाम पहले भी कई रंगदारी और धमकी के मामलों में सामने आ चुका है। सितंबर 2025 में पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी इलाके के एक कारोबारी से रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी गैंगस्टर के नाम का इस्तेमाल कर व्यापारियों को धमकाया जा रहा था और पुलिस ने हथियार तथा कारतूस बरामद किए थे।
काला जत्थेड़ी उर्फ संदीप हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र का एक कुख्यात गैंगस्टर माना जाता है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज रहे हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार उसके नाम का इस्तेमाल आज भी कई अपराधी लोगों को डराने और अवैध वसूली के लिए करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक ने अपराधियों को नए साधन जरूर उपलब्ध कराए हैं, लेकिन यही तकनीक पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए भी अपराधियों तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम बन रही है। साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल ट्रैकिंग, कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण और वॉयस सैंपल मिलान जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से ऐसे मामलों का तेजी से खुलासा किया जा रहा है।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपियों ने अन्य लोगों को भी इसी तरह धमकाया था या फिर वे किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा हैं। साथ ही विदेश में बैठे उस व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है जिसने कथित तौर पर धमकी भरे वॉयस नोट रिकॉर्ड कर भेजे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी गैंगस्टर का नाम लेकर लोगों को डराने और रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।



