Sagir Gang: नौ साल से फरार सगीर गैंग का ऑटो लिफ्टर गिरफ्तार, आनंद विहार से AATS टीम ने दबोचा
नई दिल्ली। पूर्वी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने संगठित वाहन चोरी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सगीर गैंग से जुड़े एक शातिर ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले नौ वर्षों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में अदालत द्वारा घोषित भगोड़ा (Proclaimed Offender) था। पुलिस की लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी को आनंद विहार आईएसबीटी के पास गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 37 वर्षीय मोहम्मद जाकिर के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मोहल्ला मियासराय अबू शाहिद पुरा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सगीर गैंग का सक्रिय सदस्य और सहयोगी रहा है, जो दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में संगठित तरीके से ऑटो चोरी और वाहन संबंधी अपराधों को अंजाम देता था।
पूर्वी जिला पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2017 से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसके खिलाफ वाहन चोरी और अन्य संबंधित अपराधों के आठ से अधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। लंबे समय तक फरार रहने के कारण अदालत ने उसे दो मामलों में प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार, 15 जून 2026 को AATS पूर्वी जिला टीम को सूचना मिली थी कि एक लंबे समय से फरार चल रहा वांछित अपराधी दिल्ली में आने वाला है। सूचना के आधार पर एसीपी ऑपरेशन की निगरानी और AATS प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई विक्रम सिंह, एएसआई दीपक त्यागी और एएसआई राजीव कुमार शामिल थे।
पुलिस टीम ने सूचना को विकसित करते हुए आनंद विहार आईएसबीटी के पास रणनीतिक तरीके से निगरानी शुरू की। संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद उसकी पहचान की गई और उसे रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे कुछ दूरी पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी मोहम्मद जाकिर ने खुलासा किया कि वह सगीर गैंग से जुड़ा हुआ था और पहले भी कई वाहन चोरी की वारदातों में शामिल रह चुका है। पुलिस जांच में सामने आया कि जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने जानबूझकर अदालत में पेश होना बंद कर दिया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहा था। वह अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास करता रहा। हालांकि AATS टीम की लगातार खुफिया निगरानी और तकनीकी जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह वाहन चोरी के कितने अन्य मामलों में शामिल रहा है। साथ ही उसके गैंग के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से फरार अपराधियों और घोषित भगोड़ों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पूर्वी जिला पुलिस की इस कार्रवाई को संगठित वाहन चोरी गिरोहों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा।



