Vehicle Theft: AATS नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ने नाबालिग वाहन चोर को पकड़ा, चोरी की चार दोपहिया गाड़ियां बरामद
राजधानी दिल्ली में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में शामिल एक कानून के दायरे में आने वाले नाबालिग (CCL) को पकड़कर उसके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की चार दोपहिया गाड़ियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई से दिल्ली के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के कई मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से जुड़ा हुआ है या नहीं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए AATS, नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की टीम को सक्रिय किया गया था। इंस्पेक्टर दीपक पांडे (इंचार्ज, AATS) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी।
गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट स्थित गुरुद्वारे के सामने एलआईजी फ्लैट्स के पास जाल बिछाया। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर वाहन के दस्तावेज मांगे, लेकिन वह मोटरसाइकिल के स्वामित्व से जुड़े कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
वाहन का सत्यापन करने पर पता चला कि मोटरसाइकिल जीटीबी एन्क्लेव थाना क्षेत्र में दर्ज एक ई-एफआईआर के तहत चोरी की गई थी। इसके बाद पुलिस ने वाहन चला रहे नाबालिग को हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान कानून के तहत गोपनीय रखते हुए CCL “ABC” (लगभग 16 वर्ष) के रूप में की गई।
पुलिस द्वारा लगातार पूछताछ किए जाने पर नाबालिग ने जिले में वाहन चोरी की कई अन्य घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसके खुलासे के आधार पर पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर तीन और चोरी की दोपहिया गाड़ियां बरामद कीं, जिनमें दो स्कूटियां और एक मोटरसाइकिल शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि बरामद किए गए वाहन ज्योति नगर, न्यू उस्मानपुर और जाफराबाद थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे। इस कार्रवाई के साथ पुलिस ने कुल चार चोरी की दोपहिया गाड़ियां बरामद कर ली हैं, जिससे वाहन चोरी के कई मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में ज्योति नगर थाना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित धाराओं के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग अकेले वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था या फिर किसी संगठित वाहन चोरी गिरोह का हिस्सा था। इसके अलावा चोरी के अन्य मामलों में उसकी भूमिका, उसके संभावित साथियों और चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि अपने वाहनों में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।



