Rahul Gandhi: छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका, बोले—आवाज़ दबाने की कोशिश नहीं चलेगी
नई दिल्ली : दिल्ली में CJP के ‘संसद मार्च’ के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मिलने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने अस्पताल में भर्ती छात्रों का हालचाल जाना, उनका हौसला बढ़ाया और घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
अस्पताल पहुंचकर राहुल गांधी ने घायल छात्रों से बातचीत की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और प्रदर्शन करना हर नागरिक तथा छात्र का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, अधिकारों और मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरा है, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता और कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ हिंसात्मक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि घायल छात्रों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस लगातार उनकी आवाज उठाएगी।
दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दल लगातार सरकार से कार्रवाई पर जवाब मांग रहे हैं, जबकि प्रदर्शनकारी भी अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के बीच समन्वय और मजबूत हो सकता है।
गौरतलब है कि संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है, जबकि पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।



