Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली-UP पुलिस अलर्ट, सीमापुरी बॉर्डर पर बनेगी डेडिकेटेड लेन, संयुक्त निरीक्षण किया गया
नई दिल्ली : सावन माह में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मंगलवार को सीमापुरी बॉर्डर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और कांवड़ियों की सुगम आवाजाही को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
संयुक्त निरीक्षण में उत्तर प्रदेश की ओर से गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) वरुण के. सिंह शामिल हुए, जबकि दिल्ली की ओर से शाहदरा ट्रैफिक इंस्पेक्टर संजय द्विवेदी और भजनपुरा ट्रैफिक इंस्पेक्टर विकास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सीमापुरी बॉर्डर पर यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और संभावित ट्रैफिक दबाव का जायजा लिया।
अतिरिक्त डीसीपी ट्रैफिक वरुण के. सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान सीमापुरी बॉर्डर पर जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा था, उन्हें ध्यान में रखते हुए इस बार पहले से ही समन्वित योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सीमा में लगभग 50 से 60 मीटर लंबी एक डेडिकेटेड लेन बनाई जाएगी, जिसे दिल्ली पुलिस के कांवड़ रूट प्लान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इससे कांवड़ियों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुचारु रहेगी।
उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों के अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा उपलब्ध कराना है। बैठक के दौरान बॉर्डर पर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य गंगाघाटों से पवित्र गंगाजल लेकर दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न राज्यों की ओर आते हैं। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए इस बार पहले से बेहतर समन्वय और व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की गई है।
पुलिस का कहना है कि संयुक्त रणनीति के तहत ट्रैफिक व्यवस्था को इस प्रकार संचालित किया जाएगा कि कांवड़ियों की यात्रा भी प्रभावित न हो और आम लोगों को भी कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े। अधिकारियों का मानना है कि दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से इस वर्ष कांवड़ यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराई जा सकेगी।



