Drug Bust: ईस्ट दिल्ली में 1.199 किलो चरस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, ड्रग्स सप्लाई चेन का खुलासा
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में नशीले पदार्थों की तस्करी और सप्लाई के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 1.199 किलोग्राम चरस बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, बरामद चरस कमर्शियल क्वांटिटी की श्रेणी में आती है। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कथित ड्रग सप्लाई चेन से जुड़े दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त 2026 की रात स्पेशल स्टाफ की टीम पूर्वी दिल्ली में गश्त कर रही थी। टीम चौधरी चरण सिंह मार्ग पर गाजीपुर से आनंद विहार की तरफ जा रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक व्यक्ति पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं।
पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ की। उसकी पहचान कमाल के रूप में हुई, जो दिल्ली के नंद नगरी इलाके का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, नियमानुसार उसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 1.199 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
चरस की बरामदगी के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया और मामले में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में FIR नंबर 316/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने NDPS Act की धारा 20/29 के तहत मामला दर्ज कर कथित ड्रग नेटवर्क की जांच शुरू की।
जांच का दायरा केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रखा गया। पुलिस ने यह पता लगाने का प्रयास शुरू किया कि इतनी मात्रा में चरस आरोपी तक कहां से पहुंची और इसे आगे किन लोगों तक सप्लाई किया जाना था। इसके लिए तकनीकी निगरानी के साथ आरोपी से जुड़े संपर्कों की पड़ताल की गई।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन और डिजिटल कम्युनिकेशन का भी विश्लेषण किया गया। इससे मिले सुरागों के आधार पर कथित सप्लाई चेन से जुड़े दूसरे व्यक्ति की पहचान की गई।
जांच आगे बढ़ाते हुए स्पेशल स्टाफ की टीम ने 23 अगस्त 2026 को दूसरे आरोपी साहिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, साहिल दिल्ली के न्यू मुस्तफाबाद स्थित राजीव गांधी नगर का रहने वाला है।
दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि बरामद चरस का वास्तविक स्रोत क्या था और इसे दिल्ली में किन इलाकों या लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपियों के अलावा इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। आरोपियों के संपर्क, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के आधार पर संभावित सप्लायर और रिसीवर की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपियों ने इससे पहले भी दिल्ली या आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की सप्लाई की थी। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क को जड़ से तोड़ने के लिए सप्लाई चेन के हर स्तर की जांच की जा रही है। इसमें ड्रग्स उपलब्ध कराने वाले स्रोत से लेकर उसे आगे बेचने या वितरित करने वाले लोगों तक की भूमिका की पड़ताल शामिल है।
स्पेशल स्टाफ की इस कार्रवाई को पूर्वी दिल्ली में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग्स की तस्करी, सप्लाई और वितरण में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



