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Student Awareness Program: मधु विहार के AVB स्कूल में पुलिस ने छात्रों को किया जागरूक, ड्रग्स-साइबर क्राइम और रोड सेफ्टी पर DCP ने किया संवाद

Student Awareness Program: मधु विहार के AVB स्कूल में पुलिस ने छात्रों को किया जागरूक, ड्रग्स-साइबर क्राइम और रोड सेफ्टी पर DCP ने किया संवाद

नई दिल्ली। बच्चों और युवाओं को नशे, साइबर अपराध तथा सड़क दुर्घटनाओं जैसी चुनौतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पूर्वी जिला पुलिस की ओर से मधु विहार स्थित AVB स्कूल में विशेष छात्र जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्वी जिले के DCP राजीव कुमार, IPS और मधु विहार थाने के SHO ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देने के साथ सुरक्षित, स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से ड्रग एब्यूज, साइबर सेफ्टी और रोड सेफ्टी को शामिल किया गया। पुलिस अधिकारियों ने इन तीनों विषयों से जुड़े जोखिम और उनसे बचने के तरीकों को विद्यार्थियों की समझ के अनुरूप समझाया। अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि सही उम्र में सही जानकारी मिलने से बच्चे भविष्य में कई तरह के खतरों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

DCP राजीव कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया। छात्रों को बताया गया कि ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थ किसी व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ उसकी पढ़ाई, परिवार और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी के दबाव, उत्सुकता या दोस्तों के प्रभाव में आकर नशीले पदार्थों का सेवन शुरू करना भविष्य में गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार के ड्रग्स या नशीले पदार्थ से पूरी तरह दूरी बनाए रखना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों के प्रति भी सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने दोस्तों और आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में जागरूक करना चाहिए।

छात्रों ने भी नशे के खिलाफ अभियान में अपनी भागीदारी दिखाई और ड्रग्स तथा अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ ली। उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने भविष्य को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया।

इसके बाद साइबर सुरक्षा से संबंधित सत्र में विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय छोटी सी लापरवाही भी व्यक्तिगत जानकारी के गलत इस्तेमाल या साइबर अपराध का कारण बन सकती है।

विद्यार्थियों को अपने पासवर्ड सुरक्षित रखने और उन्हें किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साथ ही निजी और संवेदनशील जानकारी को इंटरनेट पर सार्वजनिक करने से बचने के लिए कहा गया।

पुलिस ने छात्रों को किसी भी संदिग्ध लिंक पर बिना जांच किए क्लिक नहीं करने की सलाह दी। अनजान नंबर या अकाउंट से आने वाले संदेशों, लिंक और अन्य ऑनलाइन अनुरोधों के प्रति सावधानी बरतने के लिए भी उन्हें जागरूक किया गया।

अधिकारियों ने ऑनलाइन बातचीत के दौरान अनजान लोगों से सतर्क रहने पर विशेष जोर दिया। छात्रों को समझाया गया कि इंटरनेट पर सामने वाला व्यक्ति हमेशा वही हो, जो वह खुद को बता रहा है, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी, तस्वीर या अन्य निजी सामग्री साझा करने से बचना चाहिए।

सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर भी विद्यार्थियों से बातचीत की गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ऐसी पोस्ट, संदेश या सामग्री साझा करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी, जिससे उनकी या किसी दूसरे व्यक्ति की निजता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

कार्यक्रम का तीसरा प्रमुख विषय रोड सेफ्टी रहा। विद्यार्थियों को सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और सड़क पर चलते समय आसपास के वाहनों के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चलाने वालों की जिम्मेदारी नहीं है। पैदल चलने वाले लोगों और सड़क का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक नागरिक की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। छोटी उम्र से यातायात नियमों की जानकारी और उनका पालन सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

छात्रों को सड़क पार करते समय जल्दबाजी नहीं करने और निर्धारित स्थान से ही सड़क पार करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नल और अन्य सड़क संकेतों का पालन स्वयं की सुरक्षा के साथ दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

जागरूकता कार्यक्रम को संवादात्मक रखा गया और विद्यार्थियों ने भी इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से ड्रग्स, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जानकारी हासिल की तथा अपनी जिज्ञासाएं सामने रखीं।

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किसी परेशानी या संदिग्ध परिस्थिति का सामना होने पर चुप रहने के बजाय माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि समय पर सहायता मांगना कई गंभीर परिस्थितियों को बढ़ने से रोक सकता है।

DCP राजीव कुमार और अन्य पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सुरक्षित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी के जरिए बच्चों एवं युवाओं को नशे, साइबर अपराध और सड़क हादसों जैसी चुनौतियों से बचाने में मदद मिल सकती है।

पूर्वी जिला पुलिस का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल विभिन्न खतरों के बारे में जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। ड्रग्स से दूरी, इंटरनेट पर सतर्कता और यातायात नियमों का पालन कार्यक्रम के प्रमुख संदेश रहे।

पुलिस की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार और दोस्तों को भी जागरूक कर सकें। पूर्वी जिला पुलिस की ओर से आयोजित इस छात्र जागरूकता कार्यक्रम को बच्चों को सजग और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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