CJP Protest: सीएम रेखा गुप्ता का राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर हमला, बोलीं- दिल्ली को बंधक बनाने की छूट नहीं
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता सीजेपी के साथ मिलकर दिल्ली को राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजधानी में आम लोगों की जिंदगी प्रभावित करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने विकास और बेहतर व्यवस्था के लिए अपना जनादेश दिया है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को यह अधिकार नहीं है कि वह अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए आम नागरिकों को परेशान करे या राजधानी की सामान्य गतिविधियों को बाधित करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी के प्रदर्शन से कामगारों, मजदूरों, मरीजों और रोजमर्रा के कामों के लिए घर से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली केवल राजनीतिक दलों की गतिविधियों का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां लाखों लोग अपने रोजगार, कारोबार, शिक्षा और इलाज के लिए रोजाना आवाजाही करते हैं। ऐसे में किसी भी प्रदर्शन के दौरान आम जनता की सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
रेखा गुप्ता ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए सीजेपी को उनकी बी-टीम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की राजनीति का उद्देश्य दिल्ली में अव्यवस्था पैदा करना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दिल्ली की जनता ने जिस विकास और सुशासन के लिए समर्थन दिया है, उसे बाधित करने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर राजधानी को बंधक बनाने या आम लोगों के जीवन को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राजधानी की व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।



