Karwa Chauth Mehndi Camp: करवा चौथ पर महिलाओं को तोहफा, जितेंद्र चौधरी ने लगाया फ्री मेहंदी कैंप
करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही महिलाओं में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाजारों में खरीदारी से लेकर हाथों में मेहंदी सजाने तक, महिलाएं त्योहार को खास बनाने में जुटी हैं। इसी बीच पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेस-1 में समाजसेवी जितेंद्र चौधरी ने महिलाओं को करवा चौथ का खास तोहफा दिया। उन्होंने महिलाओं के लिए निःशुल्क मेहंदी कैंप का आयोजन किया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर अपने हाथों में मेहंदी लगवाई। इस कैंप में करीब 120 लड़कियां महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाने के लिए मौजूद रहीं। कोई अपने हाथों पर खूबसूरत डिजाइन बनवा रही थी, तो कोई करवा चौथ के लिए अपने हाथों को मेहंदी से सजा रही थी। कैंप में महिलाओं के बीच उत्साह देखने को मिला। खास बात यह रही कि महिलाओं को मेहंदी लगवाने के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। त्योहारों के दौरान बाजारों में मेहंदी लगवाने के दाम बढ़ जाते हैं। आमतौर पर एक हाथ में मेहंदी लगवाने के लिए 300 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। ऐसे में दोनों हाथों में मेहंदी लगवाना कई महिलाओं के लिए महंगा पड़ता है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनकी आमदनी सीमित है। समाजसेवी जितेंद्र चौधरी के मुताबिक, कई महिलाएं महीने में केवल 7 से 8 हजार रुपये कमाती हैं। ऐसे में त्योहार के समय मेहंदी पर अतिरिक्त खर्च करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने निःशुल्क मेहंदी कैंप लगाया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं भी बिना किसी खर्च के करवा चौथ की खुशियों में शामिल हो सकें। जितेंद्र चौधरी ने बताया कि वह हर साल करवा चौथ के अवसर पर अपनी बहनों के लिए इस तरह का मेहंदी कैंप आयोजित करते हैं। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल मुफ्त मेहंदी लगवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लाना भी है। उन्होंने कहा कि वह इस कैंप के माध्यम से अपनी माता-बहनों को एक छोटा-सा तोहफा देते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस तरह की पहल से समाज में सेवा, सहयोग और आपसी अपनापन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मयूर विहार फेस-1 में आयोजित यह निःशुल्क मेहंदी कैंप महिलाओं के लिए त्योहार की खुशियों में शामिल होने का एक खास अवसर बना। महंगाई के बीच इस पहल से उन महिलाओं को राहत मिली, जो मेहंदी पर अतिरिक्त खर्च नहीं कर सकतीं। अब वे बिना आर्थिक बोझ के अपने हाथों को मेहंदी से सजाकर करवा चौथ का त्योहार मना सकेंगी।



