महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। नागपुर में आयोजित भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ महापदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्हें खुली चुनौती दी। फडणवीस ने कहा कि अगर राहुल गांधी एक हजार लोगों को लेकर सड़क पर उतरेंगे तो भाजपा और महायुति के कार्यकर्ता एक लाख लोगों के साथ जवाब देंगे। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
नागपुर में भाजपा और महायुति की ओर से आयोजित इस महापदयात्रा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह पदयात्रा यशवंत स्टेडियम से शुरू होकर संविधान चौक तक निकाली गई। इससे पहले यशवंत स्टेडियम में एक सभा आयोजित की गई, जिसमें नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पदयात्रा के दौरान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे लगाए गए और बड़ी संख्या में भाजपा तथा महायुति के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब लड़ाई संसद में नहीं, बल्कि सड़क पर होगी। फडणवीस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान देश में लागू है, तब तक राजनीतिक लड़ाई संसद के भीतर ही लड़ी जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि सड़क पर उतरकर संघर्ष करने की स्थिति आती है तो भाजपा और महायुति के कार्यकर्ता इसके लिए भी तैयार हैं।
फडणवीस ने अपने भाषण में कहा कि राहुल गांधी अगर एक व्यक्ति लेकर आएंगे तो वे एक हजार लोगों को लेकर आएंगे, राहुल गांधी एक हजार लोगों के साथ आएंगे तो वे एक लाख लोगों के साथ जवाब देंगे और अगर विरोधी लाखों की संख्या में आएंगे तो उनकी ओर से करोड़ों लोग मैदान में उतरेंगे। उन्होंने इसे भारत की जनता की आवाज बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट होकर सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई केवल भाजपा या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नहीं है, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र को सुरक्षित रखने की है। उनके मुताबिक, महायुति के घटक दल इसी उद्देश्य से एक साथ आए हैं। फडणवीस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा ‘रेजीम चेंज’ का नारा केवल सरकार बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे देश की राजनीतिक व्यवस्था, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को बदलने का एजेंडा है। उन्होंने विपक्ष की इस व्याख्या पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में चुनाव के माध्यम से सरकार बदलना अलग बात है, जबकि पूरी व्यवस्था में बदलाव की बात अलग है।
फडणवीस ने अपने संबोधन में पड़ोसी देशों बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन देशों में सत्ता परिवर्तन के बाद संवैधानिक और राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव हुए और भारत में भी इसी तरह की कोशिशों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। ये सभी आरोप मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए हैं।
फडणवीस ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में संविधान के रहते लोकतांत्रिक तरीके से ही राजनीतिक लड़ाई आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा और महायुति संविधान की रक्षा के मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के जरिए अपना पक्ष जनता के सामने रखने की कोशिश की है।
नागपुर की इस महापदयात्रा को महाराष्ट्र में भाजपा और महायुति के राजनीतिक अभियान के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। फडणवीस के एक हजार के मुकाबले एक लाख लोगों को जुटाने वाले बयान ने इस कार्यक्रम को और चर्चा में ला दिया है। दूसरी ओर, राहुल गांधी और विपक्षी दलों की ओर से चुनावी प्रक्रिया तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक बहस जारी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संविधान, लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है।
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