Delhi Cyber Fraud: कपड़ा कारोबारी से सामान सप्लाई के नाम पर करीब दो लाख रुपये की ठगी, बदरपुर से आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के शाहदरा जिले की साइबर पुलिस ने सामान की आपूर्ति का भरोसा देकर एक कपड़ा कारोबारी से करीब दो लाख रुपये की कथित ठगी करने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को रेडीमेड कपड़ों और सिलाई मशीन से संबंधित सामान का सप्लायर बताकर शिकायतकर्ता से संपर्क किया था। रकम मिलने के बाद न तो ऑर्डर का सामान पहुंचाया गया और न ही भुगतान वापस किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 41 वर्षीय पवन कुमार दुगर के रूप में हुई है। वह दिल्ली के बदरपुर इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर शिकायतकर्ता से संपर्क और कारोबार से जुड़ी बातचीत के लिए किया गया था। फोन और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता नीरज कुमार जैन रेडीमेड कपड़ों के निर्माण और कपड़ों से संबंधित सामग्री के कारोबार से जुड़े हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, छह जुलाई 2026 को पवन कुमार दुगर ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को सप्लायर बताते हुए रेडीमेड कपड़ों तथा सिलाई मशीन से जुड़े सामान की उपलब्धता का दावा किया और समय पर आपूर्ति का भरोसा दिया।
आरोप है कि कारोबारी का विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कैटलॉग, इनवॉइस और परिवहन से संबंधित दस्तावेज साझा किए। शिकायतकर्ता ने इन दस्तावेजों और बातचीत पर भरोसा करते हुए अलग-अलग लेनदेन के जरिए करीब दो लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, निर्धारित सामान की डिलीवरी नहीं हुई। शिकायत के अनुसार, रकम वापस नहीं मिलने के बाद कारोबारी ने शाहदरा साइबर पुलिस से संपर्क किया।
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच संपर्क तथा उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इससे आरोपी के बदरपुर में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया और कथित तौर पर संपर्क में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया।
पुलिस का कहना है कि जांच में आरोपी से संबंधित बैंक खातों का संबंध छह साइबर अपराध शिकायतों से पाया गया है। इन शिकायतों में अन्य पीड़ितों और लाखों रुपये के कथित संदिग्ध लेनदेन का उल्लेख है। हालांकि, इन सभी शिकायतों में आरोपी की भूमिका और लेनदेन की प्रकृति की जांच अभी जारी है। केवल खातों का संबंध सामने आने के आधार पर सभी मामलों में उसकी भूमिका को अंतिम नहीं माना गया है।
जांच टीम अब भुगतान की पूरी कड़ी का पता लगाने, संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने और कथित धोखाधड़ी की कुल राशि का आकलन करने में जुटी है। यह भी जांचा जा रहा है कि शिकायतकर्ता को भेजे गए कारोबारी दस्तावेजों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और लेनदेन में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
शाहदरा साइबर पुलिस ने कारोबारियों से अपील की है कि किसी सप्लायर को अग्रिम भुगतान करने से पहले उसकी पहचान और कारोबारी विश्वसनीयता की स्वतंत्र रूप से जांच करें। केवल ऑनलाइन भेजे गए कैटलॉग, बिल और परिवहन दस्तावेजों के आधार पर भुगतान करने से बचने की सलाह दी गई है। मामले में आरोपी और संबंधित बैंक खातों की जांच जारी है।



