Khichripur Valmiki Jayanti: खिचड़ीपुर में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती, बैंड-बाजों के साथ निकला उत्सव
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के खिचड़ीपुर विधानसभा क्षेत्र में महर्षि वाल्मीकि जयंती का पावन पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में एक भव्य धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वाल्मीकि समाज सहित स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर पूरे जोश के साथ भागीदारी की। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की गूंजती मधुर धुनों के बीच निकाले गए उत्सव ने पूरे खिचड़ीपुर क्षेत्र के माहौल को भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बना दिया।
इस विशेष समारोह में स्थानीय निगम पार्षद देवेंद्र चौधरी ने भी शिरकत की और समाज के लोगों के बीच पहुंचकर उत्सव की शोभा बढ़ाई। निगम पार्षद देवेंद्र चौधरी ने उपस्थित जनसमूह और वाल्मीकि समाज के सभी सदस्यों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के चरणों में नमन करते हुए क्षेत्र के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से आत्मीय संवाद किया और उनके साथ मिलकर इस पावन पर्व की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान वाल्मीकि समाज कमेटी की शोभायात्रा के अध्यक्ष सुरेश चंदेल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए समाज के सभी बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। सुरेश चंदेल ने अपने संबोधन में कहा कि समाज ने उन पर विश्वास जताते हुए शोभायात्रा के अध्यक्ष के रूप में जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसके लिए वह पूरे समाज के सदैव ऋणी और आभारी रहेंगे। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की बधाई देते हुए समाज में आपसी एकता, भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को हमेशा बनाए रखने का प्रेरक संदेश दिया।
पूरे आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर पर्व की शुभकामनाएं दीं और आदिकवि महर्षि वाल्मीकि के महान जीवन दर्शन तथा उनकी कालजयी शिक्षाओं को स्मरण किया। बैंड-बाजों की आकर्षक धुनों, झांकियों और श्रद्धालुओं के भारी उत्साह ने इस वर्ष के आयोजन को बेहद खास और यादगार बना दिया। खिचड़ीपुर में आयोजित इस सामूहिक उत्सव ने न केवल लोगों को अपनी सांस्कृतिक व धार्मिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया, बल्कि समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर आकर आपसी सहयोग और भाईचारे को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा भी दी।



