Homeक्राइमDelhi Building Collapse: चावड़ी बाजार इमारत हादसे में मृतकों की संख्या छह...

Delhi Building Collapse: चावड़ी बाजार इमारत हादसे में मृतकों की संख्या छह हुई, मालिक समेत चार गिरफ्तार; अवैध निर्माण की जांच तेज

Delhi Building Collapse: चावड़ी बाजार इमारत हादसे में मृतकों की संख्या छह हुई, मालिक समेत चार गिरफ्तार; अवैध निर्माण की जांच तेज

नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में निर्माणाधीन इमारत ढहने के हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। शनिवार को मलबे से और शव बरामद होने के बाद हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों की पहचान कर ली गई। पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक और तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। हादसे के बाद निर्माण की वैधता, इस्तेमाल की गई सामग्री और सुरक्षा उपायों में कथित लापरवाही की जांच की जा रही है।

यह दुर्घटना बृहस्पतिवार, पांच नवंबर की सुबह हौज काजी क्षेत्र में चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली शहतारा में हुई थी। यहां निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली नगर निगम की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान संजीत कुमार, किशोरी साह, पंकज शर्मा, विपिन राम, शंतु और दिनेश साह के रूप में हुई है। इनमें पांच लोग बिहार के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि विपिन राम का निवास दिल्ली के मंडावली क्षेत्र में बताया गया है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन अपने प्रियजनों की पहचान और शव लेने के लिए पहुंचे।

शुरुआत में दो मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मलबा हटाने और तलाशी के दौरान अन्य शव बरामद हुए। शनिवार तक मृतकों की संख्या छह पहुंच गई। दो घायल मजदूरों सहदेव चौधरी और फिरोज को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

पुलिस ने इमारत के मालिक सईमुल्लाह उर्फ अयूब को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा तीन ठेकेदारों सिराज, ताजुद्दीन और फरकान को भी पकड़ा गया है। ठेकेदारों को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सिरोही गांव से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस निर्माण कार्य में उनकी भूमिका और हादसे से जुड़ी जिम्मेदारियों की पड़ताल कर रही है।

आरोपियों के खिलाफ हौज काजी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि निर्माण के दौरान आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं और इमारत ढहने के लिए किन लोगों की भूमिका जिम्मेदार थी। गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 50 वर्गमीटर के भूखंड पर इमारत का निर्माण किया जा रहा था। आरोप है कि इसके लिए आवश्यक भवन निर्माण योजना की मंजूरी नहीं ली गई थी। निर्माण तीसरी मंजिल तक पहुंच चुका था। इस तथ्य ने घनी आबादी वाले क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण और उसकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

हादसे की शुरुआती वजह के तौर पर निर्माण सामग्री के ठीक से जमने से पहले छत के नीचे लगे अस्थायी सहारे हटाने की आशंका सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से सेट नहीं हुई थी। हालांकि, दुर्घटना के सभी तकनीकी कारणों और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण विस्तृत जांच से होगा।

राहत एवं बचाव अभियान में इलाके की संकरी गलियां बड़ी चुनौती बनीं। घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता बेहद सीमित होने के कारण बड़े वाहन और भारी मशीनें आसानी से मौके तक नहीं पहुंच पा रही थीं। घनी आबादी तथा आसपास की इमारतों को ध्यान में रखते हुए बचावकर्मियों को सावधानी से मलबा हटाना पड़ा। आसपास के ढांचों की स्थिरता को लेकर भी सतर्कता बरती गई।

मामले में यह जानकारी भी सामने आई है कि दिल्ली पुलिस ने जून में इस संपत्ति पर हो रहे निर्माण को लेकर नगर निगम को पत्र लिखा था। हौज काजी थाने की ओर से 15 जून को एमसीडी के सिटी सदर पहाड़गंज जोन को निर्माण की जानकारी दी गई थी। ऐसे में पहले से सूचना होने के बावजूद निर्माण की स्थिति और उसके बाद की कार्रवाई भी जांच के महत्वपूर्ण विषय हैं।

हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने संबंधित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेशों में कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही का प्रथम दृष्टया मामला सामने आने का उल्लेख किया गया है। यह कार्रवाई आगे की जांच लंबित रहने तक की गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना की जांच के निर्देश देते हुए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए थे। छह मजदूरों की मौत के बाद अब जांच का केंद्र अवैध निर्माण, तकनीकी लापरवाही और निगरानी व्यवस्था में संभावित चूक है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments