Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ी कार्रवाई, कार मालिक आमिर राशिद 10 दिन की NIA रिमांड पर
लाल किला मेट्रो स्टेशन ब्लास्ट केस में नई प्रगति
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके में इस्तेमाल की गई कार के मालिक आमिर राशिद को पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 दिन की रिमांड पर NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दिया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसी उससे लंबी पूछताछ कर ब्लास्ट साज़िश की गहराई तक पहुँचने की कोशिश करेगी।
धमाके में 13 लोगों की मौत, देशभर में सुरक्षा अलर्ट
यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि घटनास्थल पर ही कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और 13 लोगों की मौत हो गई। ब्लास्ट के बाद केंद्रीय एजेंसियों से लेकर दिल्ली पुलिस तक सभी इकाइयाँ हाई अलर्ट पर आ गईं। जांच टीमों ने विस्तृत फॉरेंसिक परीक्षण कर यह पुष्टि की कि धमाका डॉ. उमर नबी ने अंजाम दिया था।
कार मालिक आमिर पर शक गहरा — NIA की 10 दिन की कस्टडी
कार रजिस्ट्रेशन से मिली अहम कड़ी
जांच में पता चला कि ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई i20 कार आमिर राशिद के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसके बाद NIA ने आमिर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
कश्मीरी युवक आमिर पर गंभीर आरोप
आमिर राशिद, जो जम्मू-कश्मीर के पंपोर के संबूरा का रहने वाला है, पर आरोप है कि उसने डॉ. उमर नबी के साथ मिलकर दिल्ली को दहलाने की साजिश रची थी। NIA को शक है कि आमिर न सिर्फ कार उपलब्ध कराने में शामिल था, बल्कि ब्लास्ट प्लानिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट में भी उसकी बड़ी भूमिका हो सकती है।
मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी — मेडिकल प्रोफेसर निकला आतंक का मास्टरमाइंड
फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में था असिस्टेंट प्रोफेसर
जांच से सामने आया कि ब्लास्ट का असली मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी, फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन विभाग का सहायक प्रोफेसर था। उसका संबंध पहले से ही कट्टरपंथी विचारधाराओं से था, जिसकी पुष्टि एजेंसियाँ कर रही हैं।
मूल रूप से पुलवामा निवासी, पकड़े जाने से पहले कार से फरार
उमर नबी मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिला का रहने वाला था। धमाके के बाद वह फरार हो गया था, और उसके फरार होने में इस्तेमाल की गई एक कार को भी NIA ने जब्त कर लिया है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि उसके नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे।
NIA की जांच — अब क्या होगा?
आमिर राशिद से NIA यह जानने की कोशिश करेगी कि
ब्लास्ट की योजना कब और कैसे बनी?
किसने कार में विस्फोटक भरा?
क्या और भी लोग इस साजिश में शामिल थे?
और क्या देश के अन्य हिस्सों में ऐसे हमलों की कोई और तैयारी चल रही थी?
जांच एजेंसियों की मानें तो यह मामला एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना रखता है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।।



