Sunday, January 25, 2026
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Delhi Crime Branch: 11 साल बाद हत्या का राज़ बेनकाब, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने फरार कुख्यात आरोपी लक्ष्मण सिंह को पकड़ा

Delhi Crime Branch: 11 साल बाद हत्या का राज़ बेनकाब, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने फरार कुख्यात आरोपी लक्ष्मण सिंह को पकड़ा

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 11 साल पुराने एक सनसनीखेज हत्या मामले का पर्दाफाश करते हुए उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो 2014 से पुलिस की पकड़ से बचता फिर रहा था। रानहौला थाना क्षेत्र में हुई इस हत्या में आरोपी लक्ष्मण सिंह को कोर्ट ने 2015 में भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस के लिए यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण केस था, क्योंकि आरोपी लगातार राज्यों की सीमाएं बदलता रहा और अपनी पहचान छिपाने के लिए कई नामों का इस्तेमाल करता रहा। लेकिन क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने वर्षों की मेहनत के बाद इस पुराने राज़ को आखिरकार सुलझा लिया।

डीसीपी क्राइम-IV पंकज कुमार के अनुसार 21 नवंबर 2014 को रानहौला इलाके में नाले के पास एक अज्ञात शव मिलने की जानकारी पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि 40-45 वर्ष के एक व्यक्ति के शव पर चेहरे, सिर और शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे स्पष्ट था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। बाद में मृतक की पहचान राकेश उर्फ भगत के रूप में हुई और जांच के दौरान हत्या का शक सीधे लक्ष्मण सिंह पर गया। लेकिन वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया और तब से पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा।

क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम इंस्पेक्टर पुखराज सिंह की निगरानी में इस मामले पर लगातार काम कर रही थी। टीम ने तकनीकी निगरानी, पुराने रिकॉर्ड, कॉल डेटा, और स्थानीय इनपुट के आधार पर सुराग इकट्ठे किए। पता चला कि आरोपी ने अपनी पहचान बदलने के लिए कई फर्जी नामों का उपयोग किया और हर कुछ महीनों में लोकेशन बदल देता था। वह राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में मजदूरी करके खुद को भीड़ में छुपाता रहा ताकि कोई उसकी असली पहचान तक न पहुंच सके।

लम्बे समय की जांच के बाद पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी कासगंज में छिपा हुआ है। इसके बाद इंस्पेक्टर पुखराज सिंह की अगुवाई में टीम ने वहां दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से करौली, राजस्थान का निवासी है और बेहद कम पढ़ा-लिखा होने के बावजूद वह 11 साल तक पुलिस को चकमा देने में सफल रहा।
क्राइम ब्रांच अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसने किन लोगों से संपर्क रखा, कौन उसकी मदद करता था, और क्या वह किसी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से न केवल यह पुराना हत्या केस आगे बढ़ेगा बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आने की संभावना है।

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