Delhi Crime Branch Encounter : हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग के दो कुख्यात बदमाश मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। 23 जनवरी 2026 को दिल्ली के बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र में हुई एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्की उर्फ मोगली और चंदर भान के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे संगीन मामलों में लंबे समय से वांछित थे। खास बात यह है कि मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली पर हरियाणा पुलिस द्वारा ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को 22 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग के सक्रिय सदस्य दिल्ली में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, खासतौर पर गणतंत्र दिवस से पहले। इस इनपुट के आधार पर इंस्पेक्टर अनिल मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई अंशु कादियान, एएसआई सुरेश कुमार, महिला एएसआई नरिंदर कौर, हेड कांस्टेबल संदीप और हेड कांस्टेबल परवीन शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी राज कुमार और डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा, आईपीएस की निगरानी में की गई।
22 और 23 जनवरी की मध्यरात्रि करीब एक बजे टीम ने हिरनकुंडा से डिचाऊ गांव रोड पर यूईआर-2 फ्लाईओवर के नीचे एक सफेद हुंडई आई-20 कार को रोका। खुद को घिरा देख दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। विक्की उर्फ मोगली द्वारा चलाई गई दो गोलियों में से एक गोली हेड कांस्टेबल संदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एसआई अंशु कादियान की गोली आरोपी विक्की उर्फ मोगली के पैर में लगी और उसे काबू कर लिया गया।
मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी को तुरंत राव तुला राम अस्पताल ले जाया गया और बाद में डीडीयू अस्पताल रेफर किया गया, जिससे दिल्ली पुलिस की मानवीय और पेशेवर कार्यशैली भी सामने आई। पूछताछ में सामने आया कि विक्की उर्फ मोगली हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग के सक्रिय सदस्य अनिल उर्फ टीनू और अंकित उर्फ गोधू का करीबी सहयोगी है। वह रोहतक और मेहम, हरियाणा में दर्ज कई सनसनीखेज हत्या मामलों में वांछित है, जिनमें गोली मारकर हत्या और गैंगवार की घटनाएं शामिल हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि विक्की उर्फ मोगली पहले भी आर्म्स एक्ट, पोक्सो एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वहीं, दूसरा आरोपी चंदर भान, विक्की की संगत में आकर अपराध की दुनिया में उतरा। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक देसी कट्टा, कुल 18 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-20 कार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग मुख्य रूप से कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात है और गैंग का सरगना विदेश से ऑपरेट कर रहा है, जिस पर 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस गिरफ्तारी को दिल्ली और हरियाणा में सक्रिय अंतरराज्यीय अपराध पर बड़ी चोट माना जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।



