Delhi crime: दिल्ली में नकली जूते बनाने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़, ग्राफिक डिजाइनर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली में नामी अंतरराष्ट्रीय और भारतीय ब्रांड्स के नकली जूते बनाने और बाजार में सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस पूरे नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अवैध निर्माण से लेकर सप्लाई तक की पूरी चेन को बेनकाब किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में यूनिट बनाकर बेहद योजनाबद्ध तरीके से नकली जूतों का कारोबार कर रहा था।
क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार थाना क्षेत्र के अंबे एन्क्लेव, चौहान पट्टी में चल रही एक नकली जूता फैक्ट्री पर छापा मारा। यहां से फैक्ट्री मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। मौके से बड़ी संख्या में नकली जूते और निर्माण से जुड़ा सामान बरामद किया गया, जिसके बाद यह साफ हो गया कि मामला किसी छोटे स्तर का नहीं बल्कि बड़े संगठित नेटवर्क का है।
जांच आगे बढ़ने पर क्राइम ब्रांच को पता चला कि इस गिरोह में एक ग्राफिक डिजाइनर भी शामिल है, जो नामी कंपनियों के जूतों की हूबहू डिजिटल डिजाइन तैयार करता था। नांगलोई निवासी इदु अंसारी उर्फ राजू इस काम को अंजाम दे रहा था। वह कंप्यूटर सिस्टम की मदद से ब्रांडेड जूतों के डिजाइन और डाई तैयार करता था, ताकि नकली जूते बिल्कुल असली जैसे दिखाई दें। पुलिस ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, पेन ड्राइव और डाई बनाने की भारी मशीनें बरामद की हैं।
इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मंडोली एक्सटेंशन में चल रही एक अन्य यूनिट का खुलासा किया, जहां नकली जूतों की असेंबलिंग, फिनिशिंग और पैकिंग का काम किया जा रहा था। यहां से सुंदर नगरी निवासी पिंटू को गिरफ्तार किया गया। इस यूनिट में तैयार किए गए जूतों को अलग-अलग बाजारों में सप्लाई किया जाता था, ताकि किसी को शक न हो।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने इंडियन और कई विदेशी ब्रांड्स के सैकड़ों जोड़ी नकली जूते, हजारों की संख्या में सोल, अपर, स्टीकर और जूते बनाने की मशीनें बरामद की हैं। अधिकारियों के मुताबिक गिरोह ने डिजाइन तैयार करने, डाई बनाने, असेंबलिंग और सप्लाई के लिए अलग-अलग ठिकाने बना रखे थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके और पूरा नेटवर्क लंबे समय तक चलता रहे।
डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार नकली जूतों के इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए जांच अभी जारी है। पुलिस अन्य आरोपियों और बाजार में सप्लाई से जुड़े लिंक की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े और भी लोग सामने आ सकते हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



