Delhi Crime: शकरपुर पुलिस ने फर्जी रिकवरी एजेंट गैंग का भंडाफोड़, हाईटेक वसूली रैकेट का खुलासा
पूर्वी दिल्ली में पुलिस ने एक बड़े और संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बैंक रिकवरी एजेंट बताकर सड़कों पर लोगों से जबरन वसूली करते थे। शकरपुर थाना पुलिस की इस कार्रवाई में 5 मोबाइल फोन और एक सफेद ब्रेज़ा कार बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल अपराध में किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 26 मार्च 2026 का है, जब शिकायतकर्ता केशव कुमार ने बताया कि विकास मार्ग पर आईटीओ के पास एक सफेद ब्रेज़ा कार में सवार लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने खुद को बैंक रिकवरी एजेंट बताते हुए उन्हें जबरन कार में बैठाया, मारपीट की और डराकर उनसे 18,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में 27 मार्च को शकरपुर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SHO शकरपुर के नेतृत्व और ACP प्रीत विहार की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में इंस्पेक्टर विजेंद्र नागर, एसआई अनुभव, एसआई विशाल, हेड कांस्टेबल राहुल और हेड कांस्टेबल राहुल पवार शामिल थे।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया जानकारी का सहारा लिया। इस दौरान एक अहम सुराग मिला कि आरोपी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले हैं और एक मोबाइल एप का इस्तेमाल कर उन गाड़ियों को ट्रैक करते थे जिनकी ईएमआई बकाया होती थी।
पुलिस ने मोबाइल डेटा और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों की पहचान पुख्ता की और लगातार छापेमारी के बाद चार आरोपियों—प्रिंस, आकाश उर्फ अक्कू, शिवम और टीटू उर्फ टिट्टू—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे “ईज़ी रिकवरी ऐप” के जरिए टारगेट चुनते थे और फिर सड़क पर रोककर खुद को बैंक एजेंट बताकर वसूली करते थे।
इस गैंग का तरीका बेहद सुनियोजित और हाईटेक था। आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली कार में घूमते थे, पीड़ितों को डराते-धमकाते थे और क्यूआर कोड या ऑनलाइन पेमेंट के जरिए पैसे वसूलते थे। पैसे मिलने के बाद वे पीड़ित को छोड़ देते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन और एक सफेद ब्रेज़ा कार बरामद की है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य मामलों और संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी हुई है, साथ ही उस शख्स की तलाश भी की जा रही है जो इनके लिए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में मदद करता था।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि इस तरह के हाईटेक अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



