Delhi Deepotsav: अयोध्या के बाद अब दिल्ली, 1.5 लाख दीयों की रोशनी से जगमगा उठा कर्तव्य पथ
दिल्ली ने इस साल पहली बार अयोध्या की तर्ज पर भव्य ‘दीपोत्सव’ मनाया। शनिवार शाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कर्तव्य पथ पर 1.51 लाख मिट्टी के दीये जलाकर समारोह की शुरुआत की। जैसे ही शाम ढली, इंडिया गेट से लेकर पूरे इलाके में दीयों की सुनहरी चमक फैल गई। हजारों लोग इस दृश्य को देखने पहुंचे और कैमरों में इस अनोखे पल को कैद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह दीपोत्सव केवल एक त्योहार नहीं बल्कि आस्था, आत्मगौरव और सनातन परंपरा का पुनर्जागरण है। उन्होंने X पर लिखा, “आज दिल्ली की आत्मा दीपों के उजाले में दमक रही है। यह सिर्फ रोशनी नहीं, हमारी सांस्कृतिक चेतना का प्रकाश है।” उनके संदेश ने उपस्थित लोगों में गर्व और उत्साह दोनों भर दिए।
शाम 6 बजे से शुरू हुआ दीपोत्सव कई रंगों में सजा। मंच पर रामकथा, भक्ति संगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इसके बाद रात के आकाश में ड्रोन शो ने भगवान राम की यात्रा को आकाश में उकेर दिया। हर दर्शक के चेहरे पर श्रद्धा और रोमांच दोनों झलक रहे थे। 1.51 लाख दीयों को जलाने के लिए सैकड़ों वॉलिंटियर सुबह से तैयारी में जुटे हुए थे। हर दीया एकजुटता और उम्मीद का प्रतीक बन गया।
कर्तव्य पथ के दोनों ओर लगी दीयों की कतारें मानो नक्षत्रों का धरती पर उतरना थीं। दर्शकों ने कहा कि दिल्ली ने सच में अयोध्या की झलक दिखा दी। अयोध्या में इस बार 56 घाटों पर 28 लाख दीये जलाए जा रहे हैं। वहीं दिल्ली का दीपोत्सव राजधानी को उसी आध्यात्मिक रोशनी से जोड़ता दिखा। राम की पैड़ी पर बने 32 फुट ऊंचे पुष्पक विमान की झांकी की तरह दिल्ली में भी रंगीन ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों शहरों की सजावट ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और एकता को नई पहचान दी।
कर्तव्य पथ पर दीपोत्सव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इंडिया गेट को आसपास जगमगाते दीयों, उड़ते ड्रोन और रामकथा मंच की झलक देखकर लोग भावुक हो उठे। हर तस्वीर और वीडियो में भक्ति, संस्कृति और गौरव का संगम नजर आया। यह रात दिल्ली के



