Delhi Election Scam Allegations: दिल्ली चुनाव में फर्जी वोटिंग का बड़ा आरोप, AAP और कांग्रेस ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता जुगल अरोड़ा ने दावा किया है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर “वोटों की चोरी” और “फर्जी वोटिंग” की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई घरों में 18-18 वोटर्स के नाम दर्ज पाए गए, जबकि वास्तव में वहाँ इतनी संख्या में लोग रहते ही नहीं हैं।
अरोड़ा ने कहा कि कई ऐसे नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए गए जो अब उस क्षेत्र में दिखाई भी नहीं देते। उनका कहना है कि यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि बड़े स्तर पर धांधली और मैन्यूपुलेशन हुआ है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि यह सामने आ सके कि आखिर चुनाव परिणाम किस तरह प्रभावित हुए।
इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने भी सख्त रुख अपनाया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस बार चुनावों में जो “मार्जिन” सामने आया है, वह अब तक के सभी नतीजों से बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि वोटिंग परसेंटेज में अचानक आई तेज़ बढ़ोतरी कई सवाल खड़े करती है और यह स्थिति बेहद संदिग्ध है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस चुनाव में “फर्जी वोटिंग” और “चीटिंग” के जरिए जीत हासिल की है। उनका कहना है कि यदि इस मामले की गहन जांच कराई गई तो सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
वहीं कई अन्य विपक्षी दल भी अब इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए। उनका कहना है कि लोकतंत्र की वास्तविकता और पारदर्शिता तभी कायम रह सकती है जब चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी संदेहों को दूर किया जाए।
यह मामला अब सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जनता के बीच भी चर्चा का बड़ा मुद्दा बन चुका है। लोग सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वोटर लिस्ट में इतनी गड़बड़ी कैसे हो सकती है और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
अगर सुप्रीम कोर्ट इस पर स्वतः संज्ञान लेता है, तो यह दिल्ली की राजनीति का एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।



