Delhi Extortion Case: लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर जौहरी से ₹25 लाख की रंगदारी, तीन आरोपी पंजाब से गिरफ्तार
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने पंजाब से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने दिल्ली के किलोकरी रोड स्थित गिरी ज़ेवर महल के निदेशक से ₹25 लाख की वसूली की मांग की थी।
डीसीपी पूर्वी दिल्ली अभिषेक धनिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 12 अगस्त को थाना कल्याणपुरी में शिकायत दर्ज हुई थी कि गिरी ज्वेलर्स के मालिक को जान से मारने की धमकी देकर 25 लाख रुपये की मांग की गई है। शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल की, जिससे पता चला कि धमकी भरे कॉल पंजाब के तरनतारन जिले से किए गए थे। इसके बाद पुलिस की दो टीमों ने पंजाब में छापेमारी अभियान चलाया।
छापेमारी में सबसे पहले पुलिस ने रोहित भुल्लर (23 वर्ष) निवासी अलगांव खुर्द, तरनतारन और उसके साथी अर्शदीप सिंह उर्फ करण (21 वर्ष) निवासी तेजा कलां, बटाला, गुरदासपुर को गिरफ्तार किया। इनके पास से धमकी देने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और व्हाट्सएप अकाउंट भी बरामद हुआ। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने शेरू नामक शख्स के निर्देश पर यह धमकी दी थी। शेरू वर्तमान में बहरीन में रह रहा है और वहीं से गैंग को संचालित कर रहा था।
आगे की जांच में सामने आया कि शेरू ने पीड़ित की रेकी के लिए गगन नामक युवक को लगाया था। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीसरे आरोपी गुरजिंदर सिंह उर्फ गगन (21 वर्ष) निवासी हरुवाल, गुरदासपुर को भी पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। गगन पहले भी तीन आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी गगन को अप्रैल 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए अर्शदीप उर्फ करण ने अपने गैंग में शामिल किया था और उसे आसान पैसे कमाने के लिए हथियार खरीदने का लालच दिया था। बाद में गगन ने गैंग से जुड़कर रंगदारी की इस साजिश में हिस्सा लिया।
डीसीपी अभिषेक धनिया ने बताया कि यह गिरफ्तारी पूर्वी दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगकर राजधानी दिल्ली में डर फैलाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की तत्परता से इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और विदेश में बैठे मास्टरमाइंड शेरू तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।



