Rohini Crime Case: दिल्ली जल बोर्ड अधिकारी की बेरहमी से हत्या, बाथरूम में मिला खून से लथपथ शव
दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक दिल दहला देने वाला मर्डर केस सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। दिल्ली जल बोर्ड में कार्यरत अधिकारी सुरेश कुमार राठी की उनके ही घर के बाथरूम में बेरहमी से हत्या कर दी गई। शव पर कई बार चाकू से वार किए गए थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हत्या कितनी निर्ममता से की गई। इस घटना ने न केवल पुलिस बल्कि आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि घर में जब हत्या हुई, उस समय परिवार के सदस्य मौजूद थे और फिर भी किसी को भनक तक नहीं लगी।
यह वारदात 3 नवंबर को रोहिणी सेक्टर के एक फ्लैट में हुई। मृतक के बेटे अंकुर राठी ने ही सबसे पहले पुलिस को सूचना दी। उन्होंने दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बेगमपुर पुलिस थाने में पीसीआर कॉल कर बताया कि उनके पिता की हत्या हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और फ्लैट का दरवाज़ा खोलने पर देखा कि बाथरूम में सुरेश कुमार राठी का शव खून से सना पड़ा है। पुलिस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया और क्राइम टीम व एफएसएल को जांच के लिए बुलाया गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह पता चला कि घर में जबरन घुसपैठ के कोई निशान नहीं थे, जिससे स्पष्ट है कि आरोपी को घर में ‘फ्रेंडली एंट्री’ मिली थी। यानी वह व्यक्ति घर वालों का जानकार था। यही वजह है कि इस मर्डर मिस्ट्री में कई सवाल खड़े हो गए हैं — आखिर वह कौन था जिसे घर में आने की इजाज़त थी और जिसने इतनी बेरहमी से हत्या की?
मृतक की बेटी राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में मेजर के पद पर तैनात हैं, जबकि बेटा अंकुर पिता के साथ दिल्ली में ही रहता है। पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है — व्यक्तिगत विवाद, संपत्ति का मसला, या किसी परिचित द्वारा की गई योजनाबद्ध हत्या।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात की जगह पर से महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठे किए गए हैं। बाथरूम में खून के धब्बों, फिंगरप्रिंट्स और चाकू के निशानों की बारीकी से जांच की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या में किस प्रकार का हथियार इस्तेमाल हुआ और क्या यह एक व्यक्ति का काम था या कई लोगों का।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मृतक सुरेश कुमार राठी बहुत शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और समाज में उनकी अच्छी छवि थी। वह इस फ्लैट में केवल कभी-कभी आते थे, जिससे यह बात और भी संदिग्ध हो जाती है कि हत्यारे को इस बात की जानकारी कैसे थी कि उस दिन वे घर पर मौजूद होंगे।
दिल्ली पुलिस ने हत्या के पीछे के मकसद को उजागर करने के लिए कई टीमों का गठन किया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, आस-पास के लोगों से पूछताछ चल रही है, और मृतक के परिजनों व परिचितों से भी बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना ने राजधानी दिल्ली में सुरक्षा और विश्वास की भावना पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। एक सरकारी अधिकारी के घर में इस तरह की घटना होना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि समाज में बढ़ते अपराधों का संकेत भी देता है। अब सबकी निगाहें इस केस की जांच पर टिकी हैं कि आखिर कौन था वह शख्स जिसने एक ईमानदार अधिकारी की ज़िंदगी छीन ली और फरार हो गया।



