Delhi Crime: Delhi Police ने गोगी गैंग के शूटरों को नजफगढ़ हत्याकांड में दबोचा
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में गैंगवार और संगठित अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। स्पेशल सेल (नॉर्दर्न रेंज) और सीआईए गुरुग्राम की संयुक्त टीम ने गोगी गैंग से जुड़े दो कुख्यात शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों नजफगढ़ में चर्चित नीरज तेहलान हत्याकांड में वांछित थे। गिरफ्तारी 26 सितंबर की सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-99 इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद संभव हो सकी।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर को जानकारी मिली थी कि दोनों शूटर गुरुग्राम क्षेत्र में देखे गए हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम सीआईए ने मिलकर रणनीति बनाई। 26 सितंबर की सुबह संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने की कोशिश की गई, तभी आरोपियों ने पुलिस पर गोलियां चला दीं। एक गोली हेड कॉन्स्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी जबकि दूसरी सब-इंस्पेक्टर के हाथ में जा लगी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियों से दोनों आरोपी घायल होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत काबू में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके से दो पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहित झाखड़ और जतिन राजपूत के रूप में हुई है।
मोहित झाखड़, 29 वर्षीय, गोयला खुर्द, छावला का रहने वाला है और 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद अपराध की दुनिया में उतर गया। वह संजू दहिया गिरोह से जुड़ा और बाद में गोगी गैंग के लिए काम करने लगा। जतिन राजपूत, 21 वर्षीय, विपिन गार्डन द्वारका मोड़ का निवासी है। आईटीआई (इलेक्ट्रिकल) करने के बाद वह गैंगस्टरों से प्रभावित होकर अपराध की राह पर चल पड़ा।
फरवरी 2024 में गोगी गैंग ने नजफगढ़ की एक सैलून में हमला किया था, जिसमें नीरज तेहलान के साथी सोनू तेहलान और आशीष सिंधू की हत्या हो गई, जबकि नीरज किसी तरह बच निकला और इस केस का मुख्य गवाह बना। इसके बाद जुलाई 2025 में गोगी गैंग के शूटरों ने नजफगढ़ में नीरज तेहलान की हत्या कर दी, जिसमें मोहित और जतिन शामिल थे।



