Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने पकड़ा इंटरस्टेट ऑटो-लिफ्टर गिरोह, 6 गिरफ्तार, करोड़ों की लग्ज़री गाड़ियां बरामद
दिल्ली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने एक अंतरराज्यीय ऑटो-लिफ्टर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में लग्ज़री गाड़ियां चोरी कर बेचने का काम कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के छह सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से 1 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत की चोरी की गई गाड़ियां बरामद की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जामिया नगर निवासी काज़िम हुसैन (गिरोह का मास्टरमाइंड), ख़ुसनवाज़, ताज मोहम्मद, अबुज़र उर्फ सोनू, आमिर मलिक और आसिफ खान के रूप में हुई है। मास्टरमाइंड काज़िम हुसैन चोरी की लग्ज़री गाड़ियां मास्टर की और फर्जी नंबर प्लेट की मदद से चुराकर उन्हें नए कागज़ात और नकली आरसी बनवाकर बेच देता था।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह चोरी की गाड़ियों को पहले मेरठ और अलीगढ़ ले जाता था, जहां उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थीं। इसके बाद ये वाहन नॉर्थ ईस्ट राज्यों और यूपी के अलग-अलग इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचे जाते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान ह्युंडई क्रेटा, दो किआ सेल्टोस और एक मारुति अर्टिगा समेत कई लग्ज़री गाड़ियां जब्त की हैं। इसके अलावा मास्टर कीज़, नकली नंबर प्लेट और फर्जी आरसी भी बरामद की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और काफी समय से गाड़ियों की चोरी को संगठित तरीके से अंजाम दे रहा था। इस मामले में आयोजित अपराध की धारा 111 BNS भी जोड़ी गई है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह गिरफ्तारी ऑटो-लिफ्टर गैंग के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी वाहन को खरीदते समय उसके कागज़ात की पूरी तरह से जांच-पड़ताल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।



