Delhi Traffic Awareness: दिल्ली ट्रैफिक अवेयरनेस: दिल्ली पुलिस का अनोखा अभियान, मुफ्त हेलमेट वितरण
दिल्ली पुलिस ने सड़क हादसों को कम करने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की है। दिल्ली ट्रैफिक अवेयरनेस अभियान के तहत पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार ट्रैफिक डिविजन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों, जिनमें ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) और SHO शामिल थे, ने सड़क पर उतरकर दुपहिया चालकों से सीधा संवाद किया। इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाइक और स्कूटर चालकों को मुफ्त हेलमेट वितरित किए और उन्हें यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, राजधानी में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौतें दुपहिया चालकों और उनके पीछे बैठने वालों की होती हैं। इनमें से अधिकतर मामलों में लोग हेलमेट नहीं पहनते या गलत तरीके से पहनते हैं। अधिकारियों ने बताया कि केवल हेलमेट पहनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी बेल्ट को ठीक से बांधना भी बेहद जरूरी है। कई दुर्घटनाओं में बेल्ट न बांधने के कारण हेलमेट सिर से निकल जाता है, जिससे गंभीर चोटें या मौत तक हो सकती है।
दिल्ली ट्रैफिक अवेयरनेस अभियान का उद्देश्य इस लापरवाह रवैये को बदलकर सुरक्षित राइडिंग की आदत डालना है। अधिकारियों ने मौके पर सही तरीके से हेलमेट पहनने का प्रदर्शन किया और सभी चालकों से अपील की कि वे हमेशा बेल्ट को अच्छी तरह से बांधें। उन्होंने समझाया कि सही तरीके से पहना गया हेलमेट बड़ी से बड़ी दुर्घटना में भी जान बचा सकता है।
इस अभियान का स्थानीय लोगों और दुपहिया चालकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कई लोगों ने वहीं पर शपथ ली कि वे आगे कभी भी बिना हेलमेट के बाइक नहीं चलाएंगे और दूसरों को भी ऐसा न करने देंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि पीछे बैठने वाले (पिलियन राइडर) को बिना हेलमेट यात्रा न करने दें, क्योंकि सुरक्षा हर किसी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस पहल की सराहना एक सकारात्मक कदम के रूप में की जा रही है। मुफ्त हेलमेट बांटकर दिल्ली पुलिस न केवल जागरूकता फैला रही है बल्कि उन बहानों को भी खत्म कर रही है जिनमें लोग लागत का हवाला देकर हेलमेट नहीं पहनते। ये हेलमेट सड़कों पर जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक भी हैं।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दिल्ली ट्रैफिक अवेयरनेस अभियान आगे भी शहर के अलग-अलग इलाकों में जारी रहेगा। खासकर भीड़-भाड़ वाले और दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्रों में ऐसे अभियान चलाए जाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संदेश पहुंच सके। बढ़ते वाहनों के बीच ट्रैफिक सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है और पुलिस की ऐसी पहलें जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी इस कदम की तारीफ की है। उनका मानना है कि अगर जागरूकता और सख्त नियम पालन दोनों साथ-साथ चलें, तो सड़क हादसों की संख्या में बड़ी कमी लाई जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ज्यादा से ज्यादा लोग हेलमेट पहनें, सीटबेल्ट लगाएं और गति सीमा का पालन करें, तो दिल्ली सड़क सुरक्षा में उदाहरण बन सकती है।
अंत में, मयूर विहार में शुरू हुआ यह दिल्ली ट्रैफिक अवेयरनेस अभियान केवल हेलमेट बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा की स्थायी संस्कृति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जनता से सीधा जुड़कर दिल्ली पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल पेश की है। अगर यह अभियान निरंतर और व्यापक स्तर पर चलता रहा, तो दिल्ली की सड़कें सभी के लिए सुरक्षित बन सकती हैं।



