दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जब भी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचती हैं, माहौल चर्चा का केंद्र बन जाता है। ऐसा ही नजारा एक बार फिर गांधी नगर के अशोक बाजार में देखने को मिला, जहां वह थोक रेडीमेड गारमेंट डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित वस्त्रिका 2025 कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं।
यह कार्यक्रम खासतौर पर तैयार वस्त्र उद्योग और व्यापारियों के लिए आयोजित किया गया था। मौके पर सैकड़ों व्यापारी, कारोबारी संघ के पदाधिकारी, स्थानीय जनता, क्षेत्रीय सांसद हर्ष मल्होत्रा, विधायक अरविंद सिंह लवली, पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। माहौल उत्साह और स्वागत का था, लेकिन अचानक यह कार्यक्रम विवादों में घिर गया।
दरअसल, कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष (शाहदरा) प्रवीण शर्मा को मंच पर नहीं बुलाया गया। इसे लेकर उन्होंने गुस्से में आकर हाईवोल्टेज ड्रामा कर दिया। शर्मा की नाराज़गी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने बीच कार्यक्रम में ही विरोध दर्ज कराया और आयोजकों पर पक्षपात का आरोप लगाया। इस घटना से वहां कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और माहौल गर्म हो गया।
हालांकि, बाद में प्रवीण शर्मा ने अपने रुख में यू-टर्न लेते हुए सीएम रेखा गुप्ता और आयोजकों से माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी भावनाओं में बहकर थी और उनका उद्देश्य कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं था।
यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि जनसुनवाई के दौरान हुए हमले के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से बाहर निकली थीं। इस लिहाज से उनकी सुरक्षा और उपस्थिति को लेकर जनता और प्रशासन की निगाहें कार्यक्रम पर टिकी हुई थीं।
रेखा गुप्ता ने इस मौके पर वस्त्र उद्योग और कारोबारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गांधी नगर मार्केट देश के सबसे बड़े रेडीमेड गारमेंट हब्स में से एक है और यहां के व्यापारियों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है।



