Delhi Ramlila 2025: पूर्वी दिल्ली विवेक विहार में भव्य रामलीला का भूमि पूजन सम्पन्न
पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में भव्य रामलीला समिति द्वारा आज भूमि पूजन का आयोजन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। सुबह ठीक 9 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चारण और पूजा-पाठ से हुआ। इसके बाद विधिवत हवन का आयोजन किया गया जिसमें समिति से जुड़े पदाधिकारी, स्थानीय श्रद्धालु और रंगमंच कलाकारों ने भाग लिया। पूरे परिसर में पूजा-पाठ और वैदिक मंत्रों की गूंज से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस भूमि पूजन में रामलीला के कलाकार भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सबसे आगे हनुमान जी का किरदार निभाने वाले कलाकार अपने सिर पर रामचरितमानस रखकर पहुंचे। उनके पीछे-पीछे भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता का किरदार निभाने वाले कलाकार भी सम्मिलित हुए। इस अनोखे दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और मानो सभी एक झलक में त्रेतायुग के उस पावन प्रसंग में लौट गए।
भव्य रामलीला समिति के प्रधान सतीश लूथरा ने बताया कि इस दिन का इंतजार समिति के सभी लोग बड़ी बेसब्री से करते हैं। जैसे ही एक वर्ष की रामलीला समाप्त होती है, उसी दिन से अगली रामलीला की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि हर साल आयोजन को और भी भव्य और आकर्षक बनाया जाए ताकि श्रद्धालु और दर्शक एक दिव्य अनुभव प्राप्त कर सकें।
भूमि पूजन के अवसर पर कलाकारों ने रामलीला के कुछ प्रमुख दृश्यों का मंचन भी किया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। हवन पूर्ण होने के बाद मंच की ऊँचाई पर एक ध्वज भी स्थापित किया गया जो विजय और आस्था का प्रतीक माना जाता है।
विवेक विहार थाने के सामने पिछले कई वर्षों से यह भव्य रामलीला निरंतर आयोजित की जा रही है और इसकी लोकप्रियता हर साल बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि यहां की रामलीला में सभी संवाद लाइव बोले जाते हैं, किसी भी प्रकार की लिप-सिंकिंग नहीं की जाती। कलाकारों ने बताया कि इसके लिए उन्हें लंबे समय तक तैयारी करनी पड़ती है ताकि रामायण के श्लोक और संवाद शुद्धता के साथ दर्शकों तक पहुँचें और कथा का धार्मिक महत्व अक्षुण्ण बना रहे।
इस रामलीला के साथ-साथ मेले का भी आयोजन किया जाता है। बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन के साधनों की व्यवस्था होती है, वहीं खाने-पीने के स्टॉल और धार्मिक सामग्री की दुकानों से वातावरण और भी जीवंत हो जाता है। आयोजन समिति का मानना है कि यह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि धर्म, परंपरा और समाज को जोड़ने वाला महोत्सव है।
20 तारीख से इस भव्य रामलीला का मंचन शुरू होगा जो विजयादशमी तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग प्रसंगों का मंचन होगा और अंत में रावण दहन के साथ आयोजन का समापन होगा। विवेक विहार की यह रामलीला न केवल दिल्लीवासियों के लिए बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।



