Delhi Loot Case: तिमारपुर पुलिस ने 45 लाख की लूट का किया खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार
राजधानी दिल्ली के उत्तर जिले में स्थित तिमारपुर थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने आठ दिन के भीतर खुलासा कर दिया है। करीब 15 लाख रुपये नकद और लगभग 30 लाख रुपये कीमत के 22 मोबाइल फोन लूटने के मामले में संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को जम्मू निवासी रमेश लाल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वह जम्मू स्थित ‘गैजेट गैलेक्सी’ मोबाइल शॉप में कार्यरत है। 16-17 फरवरी की दरमियानी रात वह निजी बस से व्यापारिक लेनदेन के सिलसिले में दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। उसके पास एक बैग में 15 लाख रुपये नकद और 22 पैक्ड आईफोन थे, जिनकी कुल कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई।
17 फरवरी की सुबह करीब 7:15 बजे जब वह मजनू का टीला पर बस से उतरा और ऑटो में बैठने लगा, तभी बस से उतरे तीन पुरुष और तीन महिलाओं ने उसे घेर लिया। आरोप है कि महिलाओं ने छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। इसी अफरा-तफरी के बीच पुरुष आरोपी नकदी और मोबाइल से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
हालांकि शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों की सतर्कता से तीनों महिलाओं को मौके पर ही पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से एक छोटा बैग और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात में कुल छह लोग शामिल थे और परवेज नामक व्यक्ति इसका मास्टरमाइंड है। सभी आरोपी जम्मू के रहने वाले बताए गए हैं। एसीपी बुराड़ी के मार्गदर्शन में तिमारपुर थाना और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम गठित की गई, जिसने जम्मू और पंजाब में 1500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर कई स्थानों पर छापेमारी की।
तकनीकी सर्विलांस और सीडीआर विश्लेषण के आधार पर 20 फरवरी को मोहम्मद फारूक उर्फ इमरान उर्फ मदु को चंडीगढ़ में उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह अग्रिम जमानत के लिए वकील से मिलने जा रहा था। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।
दूसरी टीम ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाकों में लगातार पांच दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया। दुर्गम रास्तों और कई स्थानों पर सड़क न होने के कारण पुलिस को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आखिरकार आठ दिन की तलाश के बाद तारिक हुसैन उर्फ फरीदो को उसके गांव फरोल के जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस फरार मास्टरमाइंड परवेज की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।



