Diwali 2025: दिल्ली में दिवाली 2025 से पहले ग्रीन पटाखों की खरीददारी में बढ़त, सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू
दिवाली 2025 के करीब आते ही दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की खरीददारी में तेजी देखने को मिल रही है। लोग पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक पटाखों की बजाय ग्रीन पटाखों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दी है, लेकिन कुछ सख्त शर्तों के साथ। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, पटाखे केवल सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और शाम 8 बजे से 10 बजे तक ही फोड़ने की अनुमति होगी। यह नियम विशेष रूप से दिवाली की पूर्व संध्या और दिवाली के दिन लागू रहेगा, ताकि लोगों को उत्सव मनाने की सुविधा हो और साथ ही प्रदूषण पर भी नियंत्रण रखा जा सके।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष और भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले लोग बाहर से पटाखे लाकर दिल्ली के वातावरण को प्रदूषित करते थे, जिससे न केवल वायु गुणवत्ता पर असर पड़ता था बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव होता था। इस बार ग्रीन पटाखों की अनुमति मिलने से व्यापारियों को भी खुशी है और उनके अनुसार बाजारों में बिक्री की गति पहले से कहीं अधिक तेज हो गई है।
दिल्ली के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने बताया कि इस साल ग्रीन पटाखों की मांग पिछले वर्षों की तुलना में दोगुनी है। उपभोक्ता न केवल छोटे परिवारों के लिए बल्कि बड़े आयोजनों और मोहल्लों में भी ग्रीन पटाखों का चुनाव कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए लोग अब पारंपरिक पटाखों की बजाय ध्वनि और धुआं कम करने वाले ग्रीन पटाखों की तरफ अधिक आकर्षित हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने भी आग और सुरक्षा के लिहाज से विशेष इंतजाम किए हैं। फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को पूरी तरह तैयार रखा गया है ताकि दिवाली के दिन किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीन पटाखों का प्रयोग न केवल वायु प्रदूषण को कम करेगा बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
इस आदेश और बाजार में बढ़ती बिक्री के बीच यह स्पष्ट है कि दिल्ली-एनसीआर के लोग इस दिवाली पर पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और सुरक्षित उत्सव मनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।



