Acharya Shree Bhikshu Hospital:आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल विवाद, AAP नेताओं का आरोप, 40 डॉक्टरों की शिकायत के बावजूद FIR नहीं
दिल्ली में राजनीति और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला है आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल का, जहां डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने हैं। आरोप है कि भाजपा विधायक हरीश खुराना और उनके समर्थकों ने अस्पताल में तैनात एक इंटर्न डॉक्टर के साथ बदसलूकी और मारपीट की।
AAP नेताओं का कहना है कि घटना के बाद 40 से अधिक डॉक्टरों ने लिखित शिकायत दी, इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इस मुद्दे को लेकर AAP दिल्ली प्रदेश संयोजक और मंत्री सौरभ भारद्वाज तथा बुराड़ी के विधायक संजय झा ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात का समय मांगा है। इतना ही नहीं, दोनों नेताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात का समय मांगा है ताकि इस मामले में न्याय मिल सके।
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “सरकारी अस्पताल में भाजपा विधायक हरीश खुराना और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इतने गंभीर मामले में भी पुलिस ने कोई FIR दर्ज नहीं की। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की कोशिश करने वाले आरोपी को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर 5 दिन की रिमांड पर लिया और उस पर हत्या के प्रयास का केस लगाया। लेकिन यहां एक सरकारी डॉक्टर के साथ मारपीट होती है और आरोपी विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।”
AAP नेताओं ने सवाल उठाया कि कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज घटना के बाद पूरे देश में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बड़े फैसले लिए गए थे, जिसमें तय हुआ था कि ऐसे मामलों में व्यक्तिगत डॉक्टर नहीं बल्कि संस्थान यानी अस्पताल एफआईआर कराएगा। इसके बावजूद दिल्ली में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई, यह समझ से परे है।
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “डॉक्टरों के साथ खड़े होने की बजाय भाजपा अपने विधायक का बचाव कर रही है। जब 40 डॉक्टरों ने लिखित शिकायत दी है, तो एफआईआर न होना साफ दिखाता है कि भाजपा अपने विधायक को बचा रही है।”
AAP नेताओं ने दोहराया कि वे जल्द ही पुलिस कमिश्नर और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे ताकि इस मामले में कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। वहीं, इस विवाद के चलते दिल्ली में एक बार फिर से राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई है और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टर भी सुरक्षा की मांग उठा रहे हैं।



