Delhi Flood Alert: दिल्ली में बाढ़ का खतरा, हथिनी कुंड से छोड़ा गया 3.29 लाख क्यूसेक पानी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं के चलते यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच सोमवार सुबह हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथिनी कुंड बैराज से करीब 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने दिल्ली के लिए अलर्ट जारी किया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने का सीधा असर राजधानी पर पड़ सकता है। यमुना नदी का जलस्तर यदि 207 मीटर से ऊपर चला गया तो दिल्ली के कई निचले इलाके जलमग्न हो जाएंगे। इससे खासतौर पर यमुना किनारे बसी बस्तियों, खेती वाले क्षेत्रों और झुग्गियों में रहने वाले हजारों लोगों को बड़े खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली ने कई बार बाढ़ जैसी स्थिति का सामना किया है। 2023 और 2024 में यमुना का जलस्तर 208 मीटर से अधिक पहुंच गया था, जिसके कारण राजधानी के कई हिस्सों में पानी भर गया था और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। इस बार भी हालात गंभीर हो सकते हैं यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा और बैराज से लगातार पानी छोड़ा जाता रहा।
दिल्ली प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट पर रखा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बताया कि यमुना के किनारे बसे लोगों को पहले से ही सतर्क कर दिया गया है और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। एनडीआरएफ की टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि हालात बिगड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से यमुना किनारे रहने वाले लोग सावधानी बरतें और किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।



