Haseebul Hasan: पूर्व पार्षद हसीबुल हसन ने बाढ़ राहत शिविरों की दुर्दशा पर जताई नाराजगी
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। हजारों परिवार अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं, लेकिन इन शिविरों में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव देखा जा रहा है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी से पूर्व मनोनीत पार्षद हसीबुल हसन बाढ़ पीड़ितों के पास राहत सामग्री और वस्त्र लेकर पहुंचे।
राहत शिविर पहुंचकर हसीबुल हसन ने वहां मौजूद लोगों को कपड़े और खाने का सामान बांटा। इस दौरान उन्होंने सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित शिविरों में लोगों के लिए न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। लोग चिलचिलाती गर्मी में अंधेरे और असुविधा के बीच रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शौचालय की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
पूर्व पार्षद ने याद दिलाया कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नज़र रखते थे, तब राहत शिविरों में हर सुविधा का इंतजाम होता था। चाहे वह चिकित्सा सेवा हो, बिजली-पानी की उपलब्धता हो या खाने-पीने का सामान, किसी को भी इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना पड़ता था।
हसीबुल हसन ने कहा कि मौजूदा सरकार बाढ़ पीड़ितों की तकलीफों के प्रति पूरी तरह उदासीन है। उन्होंने मांग की कि तुरंत बिजली, पंखे, डॉक्टर, दवाइयां और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं इन शिविरों में उपलब्ध कराई जाएं ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।



