Krishna Nagar Budget Chaupal: दिल्ली के कृष्णा नगर में बजट चौपाल का आयोजन, विधायक डॉ. अनिल गोयल का व्यापारियों से सीधा संवाद
कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र के अमर प्लेस में विधायक डॉ. अनिल गोयल द्वारा बजट चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के व्यापारियों, स्थानीय प्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हालिया बजट को व्यापारियों और आम जनता के सामने विस्तार से रखना और उनसे सीधे संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में शाहदरा जिला अध्यक्ष दीपक गाबा, पार्षद संदीप कपूर, पार्षद नीमा भगत, पार्षद राजू सचदेवा, दीपक मल्होत्रा, भारत गौड़, डिम्पल खन्ना, मंडल अध्यक्ष सहित विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न बाजारों से जुड़े व्यापारी उपस्थित रहे। अमर प्लेस में आयोजित इस चौपाल में व्यापार से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विधायक डॉ. अनिल गोयल ने उपस्थित व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट तैयार करना है जिससे व्यापारी वर्ग को राहत मिले और स्थानीय व्यापार को मजबूती मिले। उन्होंने आश्वस्त किया कि छोटे और मध्यम व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों और सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाजारों में सफाई व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
शाहदरा जिला अध्यक्ष दीपक गाबा ने कहा कि बजट चौपाल जैसे कार्यक्रम लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करते हैं, क्योंकि इससे जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद संभव होता है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे बजट की बारीकियों को समझें और योजनाओं का लाभ उठाएं।
चौपाल के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं, लाइसेंस प्रक्रिया, स्थानीय कर व्यवस्था और व्यापार को बढ़ावा देने वाली संभावित योजनाओं पर अपने विचार रखे। कई व्यापारियों ने सुझाव दिया कि यदि बजट में व्यापार को प्रोत्साहन देने वाली ठोस योजनाएं लागू होती हैं तो इससे स्थानीय बाजारों को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन के संयोजक विजय गिलोत्रा ने सभी अतिथियों और व्यापारियों का आभार व्यक्त किया। व्यापारियों ने इस पहल को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए ताकि समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जा सके।



