Yamuna Cleaning Drive: दिल्ली में यमुना तट पर ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ कार्यक्रम, स्वच्छता का सामूहिक आह्वान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कालिंदी कुंज स्थित यमुना तट पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ पहल के अंतर्गत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम नमामि गंगे अभियान के तहत नदी संरक्षण और जनजागरूकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था।
कार्यक्रम की शुरुआत से ही माहौल में जागरूकता और संकल्प की भावना देखने को मिली। दिल्ली के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों ने रैलियों, स्वच्छता अभियानों और जागरूकता शिविरों के माध्यम से 10,000 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने का संकल्प लिया। हजारों नागरिक स्वयंसेवक के रूप में आगे आए और नदी तट की सफाई में हाथ बंटाया।
इस अवसर पर मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि भारत में स्वच्छता केवल स्वास्थ्य या पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारी सभ्यता और संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके जीवन मूल्यों—सेवा, सादगी और राष्ट्रभक्ति—को याद किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नदी संरक्षण अब केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज का सामूहिक कर्तव्य बन गया है।
पाटिल ने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता और स्वच्छता के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि यमुना नदी का पुनरुद्धार सांस्कृतिक आस्था और पर्यावरणीय चेतना का संगम है। उन्होंने जल प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हमारे पास पानी की समस्या नहीं है, बल्कि सही प्रबंधन की कमी है।
सरकार की ओर से बताया गया कि यमुना को स्वच्छ और जीवनदायिनी बनाने के लिए 10 प्रमुख परियोजनाओं में से 9 पूरी हो चुकी हैं। ओखला, कोंडली, रिठाला और कोरोनेशन पिलर में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अब पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा नदी के किनारों की नियमित सफाई, जल पुनर्चक्रण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के ठोस कदम भी उठाए गए हैं।



