Saturday, January 24, 2026
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Saket Court: साकेत कोर्ट में दिव्यांग क्लर्क की आत्महत्या, सुसाइड नोट में काम के दबाव को बताया वजह

Saket Court: साकेत कोर्ट में दिव्यांग क्लर्क की आत्महत्या, सुसाइड नोट में काम के दबाव को बताया वजह

दिल्ली की साकेत कोर्ट परिसर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कोर्ट में कार्यरत एक दिव्यांग कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक ने कोर्ट की इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना से पूरे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया और न्यायिक कार्य कुछ समय के लिए ठप कर दिया गया। मृतक की पहचान हरीश सिंह महार के रूप में हुई है, जो साकेत कोर्ट में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट रूप से बताई है। सुसाइड नोट में हरीश सिंह ने लिखा है कि वह अत्यधिक काम के दबाव के कारण यह कदम उठा रहे हैं और इसके लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। उन्होंने यह भी लिखा कि कोर्ट में क्लर्क बनने के बाद से ही उनके मन में आत्महत्या के विचार आने लगे थे, लेकिन उन्होंने यह बात कभी किसी से साझा नहीं की।

हरीश सिंह ने अपने नोट में यह स्वीकार किया कि उन्होंने इन नकारात्मक विचारों से बाहर निकलने की पूरी कोशिश की, लेकिन लगातार बढ़ते काम के बोझ और मानसिक दबाव के चलते वह खुद को संभाल नहीं पाए। उन्होंने खुद को इस दबाव को झेलने में असमर्थ बताया और किसी भी सहकर्मी या अधिकारी को दोष न देने की अपील की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली, सभी लोग मौके की ओर दौड़ पड़े, लेकिन तब तक हरीश सिंह की मौत हो चुकी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए साकेत कोर्ट की अदालती कार्यवाही कुछ समय के लिए रोक दी गई। इस घटना से कोर्ट के कर्मचारियों में गहरा शोक व्याप्त है।

हरीश सिंह अदालती अभिलेखों के रखरखाव और न्यायाधीशों की सहायता से जुड़े कार्यों में तैनात थे। उनके सहकर्मियों ने उन्हें एक मेहनती, जिम्मेदार लेकिन अत्यधिक कार्यभार से जूझता हुआ कर्मचारी बताया। घटना के बाद कोर्ट कर्मचारियों ने परिसर में प्रदर्शन भी किया और अदालतों में कर्मचारियों के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता, तनाव प्रबंधन और कार्यभार संतुलन की मांग उठाई।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और पुलिस मृतक के सहकर्मियों से भी पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता के संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस इस मामले को कार्य से जुड़े तनाव के कारण की गई आत्महत्या मानकर जांच कर रही है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए तथ्य जुटाने में लगी हुई है।

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