Yamuna Cleaning Campaign: चिल्ला यमुना घाट पर सेवा संकल्प अभियान का समापन, भाजपा नेताओं और छात्रों ने चलाया सफाई अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ का समापन 17 अक्टूबर को स्वच्छता अभियान के साथ किया गया। इस अवसर पर दिल्ली में यमुना नदी के विभिन्न घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें दिल्ली सरकार के प्रतिनिधियों, भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं, छात्रों और स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। अभियान का उद्देश्य यमुना के घाटों की सफाई करने के साथ-साथ आम लोगों को नदी को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
पूर्वी दिल्ली के चिल्ला यमुना घाट पर भी इस अभियान के तहत विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, विधायक, जिला अध्यक्ष, छात्र और अन्य स्वयंसेवक सफाई अभियान में शामिल हुए। यमुना के अलग-अलग घाटों को विभिन्न हिस्सों में बांटकर सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा सकें। चिल्ला यमुना घाट पर अभियान की जिम्मेदारी संगम विहार से भाजपा विधायक चंदन कुमार को दी गई थी। उन्होंने पांच विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सफाई अभियान में भाग लिया। इस दौरान भाजपा नेता पवन राणा सहित कई अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
विधायक चंदन कुमार ने कहा कि यमुना की स्वच्छता के लिए आयोजित इस मुहिम में बड़ी संख्या में छात्रों, स्वयंसेवी संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए लगातार प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, भाजपा की ओर से नदी की सफाई और लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं और भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार व्यक्त किया।
चंदन कुमार ने आगामी छठ पर्व का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यमुना अब पूरी तरह साफ हो चुकी है और आने वाले समय में श्रद्धालु नदी के किनारे छठ पर्व मना सकेंगे। हालांकि, यमुना के पानी की वास्तविक गुणवत्ता, प्रदूषण के स्तर और धार्मिक आयोजनों के लिए उसकी उपयुक्तता का आकलन संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही किया जा सकता है। केवल घाटों की सफाई को नदी के पानी के पूरी तरह स्वच्छ होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
सेवा संकल्प अभियान के समापन पर आयोजकों ने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश दिया। सफाई अभियान के दौरान घाटों पर जमा कचरे को हटाने के साथ लोगों से अपील की गई कि वे नदी में प्लास्टिक, घरेलू कचरा और पूजा-सामग्री न डालें। अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना भी रहा कि यमुना को स्वच्छ बनाए रखने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यमुना की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और घाटों के रखरखाव के लिए निरंतर अभियान तथा प्रभावी निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।



