Delhi Police: वकील और पुलिस में फिर तकरार, थाने में घुसकर वकीलों ने पुलिसकर्मियों की की पिटाई
दिल्ली में एक बार फिर वकीलों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया है। ईस्ट दिल्ली के मंडावली इलाके में बुधवार को शुरू हुआ विवाद गुरुवार सुबह तक जारी रहा। यह विवाद एक मामूली बात पर शुरू हुआ जब एडवोकेट अनुराग शर्मा ने पुलिस की पीसीआर गाड़ी को साइड करने के लिए कहा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने अनुराग और उनके परिवार के साथ बदसलूकी की और मारपीट की। घटना के बाद शाहदरा बार असोसिएशन ने नाराज होकर कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में पुलिस की एंट्री पर बैन लगाने का फैसला लिया। असोसिएशन ने साफ किया है कि अब कोर्ट में सिर्फ जेल से कैदियों को लेकर आने वाली पुलिस को ही एंट्री दी जाएगी।
वकीलों के मुताबिक, विवाद उस समय बढ़ गया जब अनुराग शर्मा को पुलिस थाने ले गई। इसके बाद बड़ी संख्या में वकील मंडावली थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि थाने में भी वकीलों ने कुछ पुलिसकर्मियों से मारपीट की, जबकि दूसरी ओर कुछ वीडियो में पुलिसकर्मी वकील को पीटते नजर आ रहे हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष की शिकायत पर अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।
शाहदरा बार असोसिएशन के सचिव नरवीर डबास ने बताया कि यमुनापार के तीनों जिलों में वकीलों के साथ लगातार बदसलूकी की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मनमानी पर उतर आई है और कई बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने कहा कि जब एक वकील का सिर फट जाता है और उसे 12 टांके आते हैं, तब भी पुलिस सिर्फ औपचारिक मारपीट का केस दर्ज करती है। डबास ने कहा कि पीसीआर और मंडावली थाना पुलिस ने इस बार सारी सीमाएं पार कर दीं, जिसके बाद बार असोसिएशन को यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
वहीं, पुलिस का कहना है कि घटना के कई वीडियो मौजूद हैं, जिनमें वकील पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस का तर्क है कि अगर किसी पुलिसकर्मी ने गलत व्यवहार किया था तो उसके खिलाफ शिकायत दी जा सकती थी, पर कानून को हाथ में लेना गलत है। पुलिस अधिकारियों ने सवाल उठाया कि क्या वकील खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। फिलहाल स्थिति को सामान्य करने और विवाद को सुलझाने के लिए उच्च अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत कर रहे हैं।



