Vande Mataram 150 Years: दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का किया भव्य आयोजन
दिल्ली पुलिस ने आज राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का स्मरण बड़े गर्व, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी के सभी जिलों और इकाइयों में विशेष समारोह आयोजित किए गए, जहाँ पुलिसकर्मियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन कर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल वंदे मातरम की गौरवशाली परंपरा को नमन करना था, बल्कि पुलिस बल में एकता, अनुशासन और सेवा भावना को और सुदृढ़ करना भी था। वंदे मातरम भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक रहा है, जिसने देशवासियों के दिलों में स्वाभिमान और आज़ादी की भावना को प्रज्वलित किया।
मुख्य कार्यक्रम दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित किया गया, जहाँ पुलिस आयुक्त आईपीएस सतीश गोलछा की उपस्थिति में वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और जवान एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि यह गीत केवल एक राष्ट्रीय प्रतीक नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है। उन्होंने सभी कर्मियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र की एकता, अखंडता और सेवा के प्रति अपने समर्पण को निरंतर बनाए रखें।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की विभिन्न इकाइयों जैसे ट्रैफिक पुलिस, क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल, और जिला थानों में भी विशेष सभाएँ आयोजित की गईं। कई स्कूलों और नागरिक संगठनों ने भी इन आयोजनों में भाग लेकर पुलिस बल के साथ देशभक्ति की भावना साझा की।
इस अवसर पर पुलिसकर्मियों ने ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व और मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्य पर चर्चा की। समारोह के दौरान पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिसने वातावरण को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के आयोजन पुलिस बल को न केवल प्रेरणा देते हैं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को और मजबूत करते हैं।



