Delhi: जगतपुरी में जनआक्रोश के बाद बंद हुआ शराब का ठेका, विधायक डॉ. अनिल गोयल की त्वरित कार्रवाई से लौटी इलाके में शांति
पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत परवाना रोड, जगतपुरी में खुले शराब के ठेके को आखिरकार बंद करा दिया गया। इस ठेके को लेकर स्थानीय नागरिकों में लंबे समय से भारी नाराज़गी थी। क्षेत्रवासियों का कहना था कि ठेके की वजह से इलाके का सामाजिक माहौल लगातार खराब हो रहा था और महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। शराबियों द्वारा आए दिन हंगामा, गाली-गलौज और अव्यवस्था से पूरे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार ठेके के आसपास असामाजिक तत्वों की भीड़ लगी रहती थी, जिससे अपराध की आशंका हमेशा बनी रहती थी। खासतौर पर शाम के समय महिलाओं और युवतियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। बच्चों के स्कूल आने-जाने और बुजुर्गों के मंदिर या बाजार जाने में भी डर का वातावरण बना हुआ था। कई बार इस समस्या को लेकर संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा था।
लगातार मिल रही जनशिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृष्णा नगर विधानसभा से विधायक डॉ. अनिल गोयल ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन को मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए। विधायक के निर्देश पर उपजिलाधिकारी और कृष्णा नगर थाना प्रभारी परवाना रोड, जगतपुरी स्थित शराब के ठेके पर पहुंचे और मौके पर स्थिति का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा खुलकर रखी और बताया कि किस तरह यह ठेका क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन चुका है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ठेका घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और इससे सामाजिक सौहार्द एवं सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जमीनी हालात और जनभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से शराब के ठेके को बंद कराने की कार्रवाई की।
ठेका बंद होने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में राहत और खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने विधायक डॉ. अनिल गोयल का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने जनता की आवाज को गंभीरता से सुना और बिना देरी के निर्णायक कदम उठाया। लोगों का मानना है कि इस फैसले से क्षेत्र में शांति बहाल होगी और बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को सुरक्षित माहौल मिलेगा।
इस मौके पर विधायक डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और सामाजिक मर्यादा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समाधान करना उनका कर्तव्य है और भविष्य में भी यदि ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रशासन के साथ मिलकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बेहतर समन्वय का उदाहरण है, जिससे यह साबित होता है कि जनहित से जुड़ी समस्याओं का समाधान संभव है।



