Makar Sankranti Celebration Delhi: मकर संक्रांति पर भाई-बहन के रिश्ते की मिसाल, निगम पार्षद राम किशोर शर्मा ने महिला कार्यकर्ताओं को दिया सम्मान
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर शाहदरा साउथ जोन के चेयरमैन एवं निगम पार्षद राम किशोर शर्मा ने एक भावनात्मक और अनोखी पहल करते हुए सामाजिक सौहार्द और भाई-बहन के रिश्ते की मिसाल पेश की। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर वार्ड स्थित अपने कार्यालय में उन्होंने भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं, जिन्हें वह अपनी मुँहबोली बहन मानते हैं, को कंबल और तिल से बनी मिठाई भेंट कर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस पहल ने न सिर्फ उत्सव को खास बना दिया, बल्कि संगठन के भीतर आपसी सम्मान और अपनत्व की भावना को भी मजबूत किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा की महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं, जिन्होंने जोन चेयरमैन राम किशोर शर्मा को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और उनके इस स्नेहपूर्ण कदम की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
राम किशोर शर्मा ने कहा कि भाजपा की महिला कार्यकर्ता दिन-रात संगठन के लिए मेहनत करती हैं और हर परिस्थिति में पार्टी के साथ मजबूती से खड़ी रहती हैं। उनके मन में यह भाव आया कि मकर संक्रांति जैसे पवित्र पर्व पर बहनों के प्रति अपने भाई होने का कर्तव्य निभाया जाए। इसी भावना के तहत उन्होंने कंबल और तिल की मिठाई का उपहार देकर महिलाओं को सम्मानित करने का निर्णय लिया।
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल उनके दिल से निकली सोच का परिणाम है, क्योंकि अब तक इस तरह का कार्य पहले कभी नहीं हुआ था। उनका मानना है कि राजनीति के साथ-साथ मानवीय रिश्तों और संस्कारों को निभाना भी उतना ही जरूरी है। इस छोटे से प्रयास के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि संगठन में काम करने वाली महिलाओं का सम्मान और उनकी मेहनत की कद्र करना हर जनप्रतिनिधि का दायित्व है।
भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने निगम पार्षद राम किशोर शर्मा की इस पहल की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शकरपुर वार्ड को पहली बार ऐसा निगम पार्षद मिला है, जो न केवल विकास कार्यों में सक्रिय है, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक रिश्तों को भी पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाता है। महिला कार्यकर्ताओं ने इसे प्रेरणादायक कदम बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह आयोजन यह साबित करता है कि जब जनप्रतिनिधि संवेदनशील सोच और सामाजिक मूल्यों के साथ आगे आते हैं, तो राजनीति के साथ-साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है। मकर संक्रांति के इस अवसर पर की गई यह पहल लंबे समय तक याद की जाएगी।



