Yamuna Cleaning Plan: ओखला CETP प्लांट पहुंचे मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, बोले- ट्रीटमेंट के बाद ही यमुना में जाएगा पानी
दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर नई भाजपा सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa सोमवार को ओखला औद्योगिक क्षेत्र स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ यमुना सफाई को लेकर चल रही योजनाओं पर चर्चा की। निरीक्षण के दौरान मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता यमुना नदी को स्वच्छ बनाना है। इसके लिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राजधानी के नालों और सीवर का पानी बिना ट्रीटमेंट के यमुना में न जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की बड़ी योजना है कि सभी गंदे पानी को पहले ट्रीट किया जाए और उसके बाद ही उसे यमुना में छोड़ा जाए।
मंत्री ने बताया कि ओखला स्थित CETP प्लांट का दौरा इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि यहां की वर्तमान स्थिति को समझा जा सके और इसे आधुनिक तकनीक के अनुसार अपग्रेड किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्लांट को और बेहतर बनाने की जरूरत है ताकि अधिक क्षमता के साथ गंदे पानी का शोधन किया जा सके। Manjinder Singh Sirsa ने कहा कि दिल्ली में सरकार बदलने के बाद यमुना सफाई को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रदूषण की मार झेल रही यमुना को साफ करने के लिए सरकार व्यापक स्तर पर प्रयास कर रही है। इसके तहत नालों और सीवर के पानी को रोककर उसका वैज्ञानिक तरीके से ट्रीटमेंट किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को प्लांट की मौजूदा क्षमता, तकनीकी व्यवस्था और सामने आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपग्रेडेशन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि यमुना में गिरने वाले प्रदूषित पानी को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि जमीन पर परिणाम दिखाना है। यमुना को साफ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे। स्थानीय लोगों और पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सीवर और नालों के पानी का सही तरीके से ट्रीटमेंट किया जाए तो यमुना के प्रदूषण स्तर में काफी कमी लाई जा सकती है। फिलहाल सरकार की इस पहल को यमुना सफाई अभियान की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



